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20+ भगवद्गीता के उपदेशBhagavad Gita Quotes Hindi

Bhagavad Gita quotes in Hindi — श्रीमद्भगवद्गीता के अनमोल उपदेश और श्लोक अर्थ सहित। कर्म, धर्म और जीवन की ultimate guide।

भगवद्गीता के उपदेश Quotes — Bhagavad Gita Quotes Hindi

उद्धरेदात्मनात्मानं नात्मानमवसादयेत् — अपना उद्धार स्वयं करो, अपने आप को गिरने मत दो।

भगवान श्रीकृष्ण, भगवद्गीता 6.5

VV ka Vichar:

कोई और तुम्हें नहीं बचाएगा। आज से एक छोटा कदम उठाओ — सुबह जल्दी उठो, 10 मिनट पढ़ो। शुरुआत तुम्हीं से होगी।

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कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन। तुम्हारा अधिकार केवल कर्म करने में है, फल में कभी नहीं।

भगवान श्रीकृष्ण, भगवद्गीता 2.47

VV ka Vichar:

आज जो भी काम करो, बस पूरी ईमानदारी से करो। रिज़ल्ट की चिंता छोड़ो — सिर्फ प्रोसेस पर फोकस करो।

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युक्ताहारविहारस्य युक्तचेष्टस्य कर्मसु — जो खान-पान और आचरण में संयम रखता है, उसका योग सिद्ध होता है।

भगवान श्रीकृष्ण, भगवद्गीता 6.17

VV ka Vichar:

Balance ही key है — न ज़्यादा खाओ, न कम। न ज़्यादा सोओ, न कम। संतुलित जीवन ही सबसे healthy है।

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नहि ज्ञानेन सदृशं पवित्रमिह विद्यते — इस संसार में ज्ञान के समान पवित्र कुछ भी नहीं है।

भगवान श्रीकृष्ण, भगवद्गीता 4.38

VV ka Vichar:

रोज़ कम से कम 15 मिनट कुछ नया पढ़ो। ज्ञान ही एकमात्र चीज़ है जो कोई छीन नहीं सकता।

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दूरेण ह्यवरं कर्म बुद्धियोगाद्धनञ्जय — निष्काम कर्म, सकाम कर्म से बहुत श्रेष्ठ है।

भगवान श्रीकृष्ण, भगवद्गीता 2.49

VV ka Vichar:

बिना किसी उम्मीद के मदद करो — वही सबसे बड़ी सेवा है।

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प्रकृतेः क्रियमाणानि गुणैः कर्माणि सर्वशः — सारे कर्म प्रकृति के गुणों द्वारा किए जाते हैं, लेकिन अहंकार से भरा मनुष्य सोचता है कि मैं कर्ता हूँ।

भगवान श्रीकृष्ण, भगवद्गीता 3.27

VV ka Vichar:

Ego सबसे बड़ा रोड़ा है। "मैंने किया" की जगह "टीम ने किया" बोलो — सफलता credit share करने से आती है।

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मन एव मनुष्याणां कारणं बन्धमोक्षयोः — मन ही मनुष्य के बंधन और मोक्ष दोनों का कारण है।

भगवान श्रीकृष्ण, भगवद्गीता 6.5

VV ka Vichar:

तुम्हारा सबसे बड़ा दोस्त और दुश्मन दोनों तुम्हारा मन है। रोज़ 10 मिनट ध्यान करो — मन को काबू करना सीखो।

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क्रोधाद्भवति सम्मोहः — क्रोध से मोह उत्पन्न होता है, मोह से स्मृति भ्रष्ट होती है, और स्मृति भ्रष्ट होने से बुद्धि नष्ट हो जाती है।

भगवान श्रीकृष्ण, भगवद्गीता 2.63

VV ka Vichar:

गुस्सा आए तो 10 तक गिनो। गुस्से में लिया गया कोई भी फ़ैसला गलत होता है।

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यत्र योगेश्वरः कृष्णो यत्र पार्थो धनुर्धरः — जहाँ योगेश्वर कृष्ण हैं और जहाँ धनुर्धारी अर्जुन हैं, वहीं विजय है।

भगवान श्रीकृष्ण, भगवद्गीता 18.78

VV ka Vichar:

सही गुरु + सही शिष्य = सफलता निश्चित। अच्छे mentor ढूंढो और उनसे सीखो।

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नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि — आत्मा को न शस्त्र काट सकते हैं, न आग जला सकती है, न पानी गीला कर सकता है।

भगवान श्रीकृष्ण, भगवद्गीता 2.23

VV ka Vichar:

तुम्हारे अंदर की ताकत अमर है। कोई भी मुश्किल तुम्हें तोड़ नहीं सकती — बस याद रखो कि तुम कौन हो।

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सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज — सब धर्मों को त्यागकर मेरी शरण में आओ, मैं तुम्हें सब पापों से मुक्त कर दूँगा।

भगवान श्रीकृष्ण, भगवद्गीता 18.66

VV ka Vichar:

ज़्यादा सोचना बंद करो। एक रास्ता चुनो और पूरी तरह उस पर चलो — confusion में रहना सबसे बड़ा नुकसान है।

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सुखदुःखे समे कृत्वा लाभालाभौ जयाजयौ — सुख-दुख, लाभ-हानि, जय-पराजय को समान समझकर कर्म करो।

भगवान श्रीकृष्ण, भगवद्गीता 2.38

VV ka Vichar:

बिज़नेस में loss हो या profit — दोनों में balanced रहो। Emotional decisions सबसे खतरनाक होते हैं।

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वासांसि जीर्णानि यथा विहाय — जैसे मनुष्य पुराने वस्त्र त्यागकर नए पहनता है, वैसे ही आत्मा पुराने शरीर को त्यागकर नए शरीर में जाती है।

भगवान श्रीकृष्ण, भगवद्गीता 2.22

VV ka Vichar:

बदलाव से डरो मत। जो पुराना है वो जाएगा — नया आएगा। अपनी नौकरी, शहर, रिश्ते — बदलाव जीवन का हिस्सा है।

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तस्माद्योगी भवार्जुन — इसलिए हे अर्जुन, तुम योगी बनो।

भगवान श्रीकृष्ण, भगवद्गीता 6.46

VV ka Vichar:

योग सिर्फ आसन नहीं है — मन, शरीर और आत्मा का संतुलन है। रोज़ 15 मिनट meditation करो।

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श्रद्धावान् लभते ज्ञानम् — जो श्रद्धा रखता है वही ज्ञान प्राप्त करता है।

भगवान श्रीकृष्ण, भगवद्गीता 4.39

VV ka Vichar:

जो भी सीखो, पूरे मन से सीखो। आधे मन से कुछ नहीं होता — चाहे कोडिंग हो या cooking।

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विद्याविनयसम्पन्ने ब्राह्मणे गवि हस्तिनि — ज्ञानी व्यक्ति सबमें समान दृष्टि रखता है — चाहे विद्वान हो या साधारण।

भगवान श्रीकृष्ण, भगवद्गीता 5.18

VV ka Vichar:

किसी को छोटा या बड़ा मत समझो। ऑफिस में peon से लेकर CEO तक — सबसे respect से बात करो।

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अनन्याश्चिन्तयन्तो मां ये जनाः पर्युपासते — जो लोग एकाग्र मन से मेरा चिंतन करते हैं, मैं उनके योगक्षेम का वहन करता हूँ।

भगवान श्रीकृष्ण, भगवद्गीता 9.22

VV ka Vichar:

एक चीज़ पर फोकस करो — multitasking भ्रम है। जो एक काम में master है वही सफल होता है।

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संशयात्मा विनश्यति — संशय करने वाला नष्ट हो जाता है। न इस लोक में सुख, न परलोक में।

भगवान श्रीकृष्ण, भगवद्गीता 4.40

VV ka Vichar:

शक करना बंद करो — खुद पर, अपने काम पर, अपनी क्षमता पर। Doubt सबसे बड़ा दुश्मन है।

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यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति — जब-जब धर्म की हानि होती है, तब-तब मैं स्वयं प्रकट होता हूँ।

भगवान श्रीकृष्ण, भगवद्गीता 4.7

VV ka Vichar:

जब चीज़ें बहुत बुरी लगें — याद रखो कि बुरे वक्त के बाद अच्छा वक्त ज़रूर आता है। हार मत मानो।

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योगस्थः कुरु कर्माणि — योग में स्थित होकर कर्म करो, सफलता और असफलता में समान रहो।

भगवान श्रीकृष्ण, भगवद्गीता 2.48

VV ka Vichar:

जब एग्ज़ाम का रिज़ल्ट आए या ऑफिस में प्रमोशन न मिले — शांत रहो। संतुलन ही असली ताकत है।

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