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20+ भगवद्गीता के उपदेशBhagavad Gita Quotes Hindi

Bhagavad Gita quotes in Hindi — श्रीमद्भगवद्गीता के अनमोल उपदेश और श्लोक अर्थ सहित। कर्म, धर्म और जीवन की ultimate guide।

भगवद्गीता भारत के सबसे पूजनीय ग्रंथों में से एक है, जिसमें कुरुक्षेत्र के मैदान में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को जीवन, कर्तव्य और आत्मा का गहरा ज्ञान दिया। इसके उपदेश किसी एक धर्म तक सीमित नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए जीवन जीने की राह दिखाते हैं। गीता हमें सिखाती है कि कर्म करना हमारा अधिकार है, पर फल की चिंता में उलझना नहीं।

इन उपदेशों को रोज़ पढ़िए और उन पर थोड़ा मनन कीजिए। जो श्लोक या भाव आपके दिल को छू जाए, उसे डायरी में लिख लीजिए और अपने रोज़ के जीवन में उतारने की कोशिश कीजिए। गीता का ज्ञान तभी सार्थक होता है जब उसे जीवन में जिया जाए।

पसंद आने वाले उपदेश को WhatsApp status पर लगाइए या अपने परिवार के साथ शेयर कीजिए, ताकि यह ज्ञान अगली पीढ़ी तक भी पहुँचे। याद रखिए, गीता निराशा में उम्मीद और उलझन में स्पष्टता देती है। इन उपदेशों को अपने मन की शांति और सही निर्णय का सहारा बनाइए।

भगवद्गीता के उपदेश Quotes — Bhagavad Gita Quotes Hindi

संशयात्मा विनश्यति — संशय करने वाला नष्ट हो जाता है। न इस लोक में सुख, न परलोक में।

भगवान श्रीकृष्ण, भगवद्गीता 4.40

VV ka Vichar:

शक करना बंद करो — खुद पर, अपने काम पर, अपनी क्षमता पर। Doubt सबसे बड़ा दुश्मन है।

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क्रोधाद्भवति सम्मोहः — क्रोध से मोह उत्पन्न होता है, मोह से स्मृति भ्रष्ट होती है, और स्मृति भ्रष्ट होने से बुद्धि नष्ट हो जाती है।

भगवान श्रीकृष्ण, भगवद्गीता 2.63

VV ka Vichar:

गुस्सा आए तो 10 तक गिनो। गुस्से में लिया गया कोई भी फ़ैसला गलत होता है।

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वासांसि जीर्णानि यथा विहाय — जैसे मनुष्य पुराने वस्त्र त्यागकर नए पहनता है, वैसे ही आत्मा पुराने शरीर को त्यागकर नए शरीर में जाती है।

भगवान श्रीकृष्ण, भगवद्गीता 2.22

VV ka Vichar:

बदलाव से डरो मत। जो पुराना है वो जाएगा — नया आएगा। अपनी नौकरी, शहर, रिश्ते — बदलाव जीवन का हिस्सा है।

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श्रद्धावान् लभते ज्ञानम् — जो श्रद्धा रखता है वही ज्ञान प्राप्त करता है।

भगवान श्रीकृष्ण, भगवद्गीता 4.39

VV ka Vichar:

जो भी सीखो, पूरे मन से सीखो। आधे मन से कुछ नहीं होता — चाहे कोडिंग हो या cooking।

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यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति — जब-जब धर्म की हानि होती है, तब-तब मैं स्वयं प्रकट होता हूँ।

भगवान श्रीकृष्ण, भगवद्गीता 4.7

VV ka Vichar:

जब चीज़ें बहुत बुरी लगें — याद रखो कि बुरे वक्त के बाद अच्छा वक्त ज़रूर आता है। हार मत मानो।

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मन एव मनुष्याणां कारणं बन्धमोक्षयोः — मन ही मनुष्य के बंधन और मोक्ष दोनों का कारण है।

भगवान श्रीकृष्ण, भगवद्गीता 6.5

VV ka Vichar:

तुम्हारा सबसे बड़ा दोस्त और दुश्मन दोनों तुम्हारा मन है। रोज़ 10 मिनट ध्यान करो — मन को काबू करना सीखो।

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उद्धरेदात्मनात्मानं नात्मानमवसादयेत् — अपना उद्धार स्वयं करो, अपने आप को गिरने मत दो।

भगवान श्रीकृष्ण, भगवद्गीता 6.5

VV ka Vichar:

कोई और तुम्हें नहीं बचाएगा। आज से एक छोटा कदम उठाओ — सुबह जल्दी उठो, 10 मिनट पढ़ो। शुरुआत तुम्हीं से होगी।

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नहि ज्ञानेन सदृशं पवित्रमिह विद्यते — इस संसार में ज्ञान के समान पवित्र कुछ भी नहीं है।

भगवान श्रीकृष्ण, भगवद्गीता 4.38

VV ka Vichar:

रोज़ कम से कम 15 मिनट कुछ नया पढ़ो। ज्ञान ही एकमात्र चीज़ है जो कोई छीन नहीं सकता।

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प्रकृतेः क्रियमाणानि गुणैः कर्माणि सर्वशः — सारे कर्म प्रकृति के गुणों द्वारा किए जाते हैं, लेकिन अहंकार से भरा मनुष्य सोचता है कि मैं कर्ता हूँ।

भगवान श्रीकृष्ण, भगवद्गीता 3.27

VV ka Vichar:

Ego सबसे बड़ा रोड़ा है। "मैंने किया" की जगह "टीम ने किया" बोलो — सफलता credit share करने से आती है।

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अनन्याश्चिन्तयन्तो मां ये जनाः पर्युपासते — जो लोग एकाग्र मन से मेरा चिंतन करते हैं, मैं उनके योगक्षेम का वहन करता हूँ।

भगवान श्रीकृष्ण, भगवद्गीता 9.22

VV ka Vichar:

एक चीज़ पर फोकस करो — multitasking भ्रम है। जो एक काम में master है वही सफल होता है।

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योगस्थः कुरु कर्माणि — योग में स्थित होकर कर्म करो, सफलता और असफलता में समान रहो।

भगवान श्रीकृष्ण, भगवद्गीता 2.48

VV ka Vichar:

जब एग्ज़ाम का रिज़ल्ट आए या ऑफिस में प्रमोशन न मिले — शांत रहो। संतुलन ही असली ताकत है।

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यत्र योगेश्वरः कृष्णो यत्र पार्थो धनुर्धरः — जहाँ योगेश्वर कृष्ण हैं और जहाँ धनुर्धारी अर्जुन हैं, वहीं विजय है।

भगवान श्रीकृष्ण, भगवद्गीता 18.78

VV ka Vichar:

सही गुरु + सही शिष्य = सफलता निश्चित। अच्छे mentor ढूंढो और उनसे सीखो।

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तस्माद्योगी भवार्जुन — इसलिए हे अर्जुन, तुम योगी बनो।

भगवान श्रीकृष्ण, भगवद्गीता 6.46

VV ka Vichar:

योग सिर्फ आसन नहीं है — मन, शरीर और आत्मा का संतुलन है। रोज़ 15 मिनट meditation करो।

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विद्याविनयसम्पन्ने ब्राह्मणे गवि हस्तिनि — ज्ञानी व्यक्ति सबमें समान दृष्टि रखता है — चाहे विद्वान हो या साधारण।

भगवान श्रीकृष्ण, भगवद्गीता 5.18

VV ka Vichar:

किसी को छोटा या बड़ा मत समझो। ऑफिस में peon से लेकर CEO तक — सबसे respect से बात करो।

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सुखदुःखे समे कृत्वा लाभालाभौ जयाजयौ — सुख-दुख, लाभ-हानि, जय-पराजय को समान समझकर कर्म करो।

भगवान श्रीकृष्ण, भगवद्गीता 2.38

VV ka Vichar:

बिज़नेस में loss हो या profit — दोनों में balanced रहो। Emotional decisions सबसे खतरनाक होते हैं।

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युक्ताहारविहारस्य युक्तचेष्टस्य कर्मसु — जो खान-पान और आचरण में संयम रखता है, उसका योग सिद्ध होता है।

भगवान श्रीकृष्ण, भगवद्गीता 6.17

VV ka Vichar:

Balance ही key है — न ज़्यादा खाओ, न कम। न ज़्यादा सोओ, न कम। संतुलित जीवन ही सबसे healthy है।

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सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज — सब धर्मों को त्यागकर मेरी शरण में आओ, मैं तुम्हें सब पापों से मुक्त कर दूँगा।

भगवान श्रीकृष्ण, भगवद्गीता 18.66

VV ka Vichar:

ज़्यादा सोचना बंद करो। एक रास्ता चुनो और पूरी तरह उस पर चलो — confusion में रहना सबसे बड़ा नुकसान है।

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कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन। तुम्हारा अधिकार केवल कर्म करने में है, फल में कभी नहीं।

भगवान श्रीकृष्ण, भगवद्गीता 2.47

VV ka Vichar:

आज जो भी काम करो, बस पूरी ईमानदारी से करो। रिज़ल्ट की चिंता छोड़ो — सिर्फ प्रोसेस पर फोकस करो।

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दूरेण ह्यवरं कर्म बुद्धियोगाद्धनञ्जय — निष्काम कर्म, सकाम कर्म से बहुत श्रेष्ठ है।

भगवान श्रीकृष्ण, भगवद्गीता 2.49

VV ka Vichar:

बिना किसी उम्मीद के मदद करो — वही सबसे बड़ी सेवा है।

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नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि — आत्मा को न शस्त्र काट सकते हैं, न आग जला सकती है, न पानी गीला कर सकता है।

भगवान श्रीकृष्ण, भगवद्गीता 2.23

VV ka Vichar:

तुम्हारे अंदर की ताकत अमर है। कोई भी मुश्किल तुम्हें तोड़ नहीं सकती — बस याद रखो कि तुम कौन हो।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

भगवद्गीता का सबसे प्रसिद्ध उपदेश कौन सा है?
गीता का सबसे प्रसिद्ध संदेश है कि मनुष्य को अपना कर्म करते रहना चाहिए, फल की चिंता किए बिना। यह हमें ज़िम्मेदारी निभाना और परिणाम को ईश्वर पर छोड़ना सिखाता है।
भगवद्गीता किसने और किसे सुनाई थी?
भगवद्गीता महाभारत के युद्ध से पहले कुरुक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को सुनाई थी, जब अर्जुन कर्तव्य को लेकर उलझन में थे और युद्ध से पीछे हटना चाहते थे।
रोज़ गीता के उपदेश पढ़ने से क्या फायदा है?
रोज़ पढ़ने से मन को शांति, स्पष्टता और सही-गलत की समझ मिलती है। यह जीवन की उलझनों में संतुलित और निडर रहकर कर्तव्य निभाने की प्रेरणा देता है।
भगवद्गीता हमें जीवन में क्या सिखाती है?
गीता हमें निःस्वार्थ कर्म, कर्तव्य पालन, मन पर नियंत्रण और सुख-दुख में समान रहना सिखाती है। यह डर और मोह से ऊपर उठकर जीने का मार्ग दिखाती है।
इन उपदेशों को status पर कैसे लगाएं?
अपना पसंदीदा उपदेश कॉपी करके WhatsApp status पर लगाएँ, चाहें तो श्रीकृष्ण-अर्जुन की तस्वीर जोड़ें। इससे यह पावन ज्ञान आप और आपके संपर्कों तक पहुँचता है।

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