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15+ कबीर के दोहेKabir Ke Dohe

Kabir Ke Dohe in Hindi — संत कबीर दास जी के प्रसिद्ध दोहे अर्थ सहित। सरल भाषा में गहरी जीवन शिक्षा।

कबीर के दोहे Quotes — Kabir Ke Dohe

काल करे सो आज कर, आज करे सो अब। पल में प्रलय होएगी, बहुरि करेगा कब।

कबीर, कबीर के दोहे

VV ka Vichar:

Procrastination सबसे बड़ा दुश्मन है। जो काम कल पर टाल रहे हो — अभी शुरू करो, सिर्फ 5 मिनट।

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ऐसी वाणी बोलिए, मन का आपा खोय। औरन को शीतल करे, आपहुँ शीतल होय।

कबीर, कबीर के दोहे

VV ka Vichar:

ऐसे बोलो कि सुनने वाले को ठंडक मिले। आज किसी से बात करते वक्त अपनी आवाज़ और शब्दों पर ध्यान दो।

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माया मरी न मन मरा, मर मर गए शरीर। आशा तृष्णा ना मरी, कह गए दास कबीर।

कबीर, कबीर के दोहे

VV ka Vichar:

इच्छाएं कभी खत्म नहीं होतीं। एक मिल जाए तो दूसरी चाहिए। जो है उसमें संतोष करना सीखो।

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गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागूं पाँय। बलिहारी गुरु आपने, गोविंद दियो बताय।

कबीर, कबीर के दोहे

VV ka Vichar:

गुरु का स्थान भगवान से भी ऊपर है। अपने teacher, mentor, guide को respect दो — उन्होंने तुम्हें रास्ता दिखाया है।

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बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय। जो दिल खोजा आपना, मुझसे बुरा न कोय।

कबीर, कबीर के दोहे

VV ka Vichar:

दूसरों में बुराई ढूंढने से पहले खुद को देखो। आज रात सोने से पहले अपनी एक गलती लिखो और कल उसे सुधारो।

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धीरे-धीरे रे मना, धीरे सब कुछ होय। माली सींचे सौ घड़ा, ऋतु आए फल होय।

कबीर, कबीर के दोहे

VV ka Vichar:

धैर्य रखो। जैसे माली पानी देता है पर फल ऋतु में ही आता है — तुम्हारी मेहनत का फल सही समय पर मिलेगा।

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तिनका कबहुँ ना निन्दिये, जो पाँवन तर होय। कबहुँ उड़ आँखिन पड़े, तो पीर घनेरी होय।

कबीर, कबीर के दोहे

VV ka Vichar:

किसी को कमज़ोर मत समझो। आज जो छोटा लग रहा है, कल वही बड़ा हो सकता है। सबसे respect से पेश आओ।

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पोथी पढ़ि पढ़ि जग मुआ, पंडित भया न कोय। ढाई आखर प्रेम का, पढ़े सो पंडित होय।

कबीर, कबीर के दोहे

VV ka Vichar:

सिर्फ किताबें पढ़ने से ज्ञानी नहीं बनते। प्रेम और करुणा सीखो — यही असली शिक्षा है।

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रहिमन धागा प्रेम का, मत तोड़ो चटकाय। टूटे से फिर ना जुड़े, जुड़े गाँठ परि जाय।

कबीर, कबीर के दोहे

VV ka Vichar:

रिश्ते बहुत नाज़ुक होते हैं। गुस्से में कुछ ऐसा मत बोलो जो रिश्ता तोड़ दे — टूटा रिश्ता जुड़ता भी है तो गाँठ रह जाती है।

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जहाँ दया तहाँ धर्म है, जहाँ लोभ तहाँ पाप। जहाँ क्रोध तहाँ काल है, जहाँ क्षमा तहाँ आप।

कबीर, कबीर के दोहे

VV ka Vichar:

दया रखो, लालच छोड़ो, गुस्सा काबू करो, माफ़ करना सीखो — यही जीवन का सार है।

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जिन खोजा तिन पाइयां, गहरे पानी पैठ। मैं बौरी ढूँढन गई, रही किनारे बैठ।

कबीर, कबीर के दोहे

VV ka Vichar:

गहराई में जाओ तभी कुछ मिलेगा। Surface level effort से कुछ नहीं होता — deep work करो।

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साईं इतना दीजिये, जा मे कुटुम समाय। मैं भी भूखा ना रहूँ, साधु ना भूखा जाय।

कबीर, कबीर के दोहे

VV ka Vichar:

ज़्यादा की चाह मत रखो। जितने में परिवार खुश रहे और दूसरों की मदद हो सके — बस उतना काफ़ी है।

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माटी कहे कुम्हार से, तू क्या रौंदे मोय। एक दिन ऐसा आएगा, मैं रौंदूंगी तोय।

कबीर, कबीर के दोहे

VV ka Vichar:

अहंकार मत करो। समय सबसे बड़ा शिक्षक है — जो आज ऊपर है वो कल नीचे हो सकता है।

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दुख में सुमिरन सब करें, सुख में करे न कोय। जो सुख में सुमिरन करे, तो दुख काहे को होय।

कबीर, कबीर के दोहे

VV ka Vichar:

सिर्फ मुश्किल में भगवान को मत याद करो। अच्छे वक्त में भी grateful रहो — रोज़ 3 चीज़ें लिखो जिनके लिए शुक्रगुज़ार हो।

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चलती चक्की देख के, दिया कबीरा रोय। दो पाटन के बीच में, साबुत बचा न कोय।

कबीर, कबीर के दोहे

VV ka Vichar:

समय किसी को नहीं बख्शता। जो करना है आज करो — कल का भरोसा मत रखो।

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