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15+ कबीर के दोहेKabir Ke Dohe

Kabir Ke Dohe in Hindi — संत कबीर दास जी के प्रसिद्ध दोहे अर्थ सहित। सरल भाषा में गहरी जीवन शिक्षा।

संत कबीर भारत के महान संतों और कवियों में से एक थे, जिन्होंने सीधी और सरल भाषा में जीवन के गहरे सच कहे। उनके दोहे बिना किसी दिखावे के सीधे दिल तक पहुँचते हैं और आडंबर, अहंकार तथा पाखंड पर गहरी चोट करते हैं। कबीर के दोहे हमें प्रेम, सच्चाई, सहनशीलता और मन की शुद्धता का पाठ पढ़ाते हैं।

इन दोहों को रोज़ पढ़िए और उनके भाव पर थोड़ा मनन कीजिए, क्योंकि हर दोहे में एक गहरी सीख छिपी होती है। जो दोहा आपके दिल को छू जाए, उसे डायरी में लिख लीजिए और उसका अर्थ अपने जीवन से जोड़कर देखिए। कबीर की वाणी आज भी उतनी ही सच्ची और असरदार है।

पसंद आने वाले दोहे को WhatsApp status पर लगाइए या अपनों के साथ शेयर कीजिए, ताकि यह अनमोल ज्ञान आगे बढ़े। याद रखिए, कबीर के दोहे सिर्फ पढ़ने के लिए नहीं, जीवन में उतारने के लिए हैं। इन्हें अपने विचार और व्यवहार को बेहतर बनाने का सहारा बनाइए।

कबीर के दोहे Quotes — Kabir Ke Dohe

धीरे-धीरे रे मना, धीरे सब कुछ होय। माली सींचे सौ घड़ा, ऋतु आए फल होय।

कबीर, कबीर के दोहे

VV ka Vichar:

धैर्य रखो। जैसे माली पानी देता है पर फल ऋतु में ही आता है — तुम्हारी मेहनत का फल सही समय पर मिलेगा।

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पोथी पढ़ि पढ़ि जग मुआ, पंडित भया न कोय। ढाई आखर प्रेम का, पढ़े सो पंडित होय।

कबीर, कबीर के दोहे

VV ka Vichar:

सिर्फ किताबें पढ़ने से ज्ञानी नहीं बनते। प्रेम और करुणा सीखो — यही असली शिक्षा है।

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दुख में सुमिरन सब करें, सुख में करे न कोय। जो सुख में सुमिरन करे, तो दुख काहे को होय।

कबीर, कबीर के दोहे

VV ka Vichar:

सिर्फ मुश्किल में भगवान को मत याद करो। अच्छे वक्त में भी grateful रहो — रोज़ 3 चीज़ें लिखो जिनके लिए शुक्रगुज़ार हो।

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गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागूं पाँय। बलिहारी गुरु आपने, गोविंद दियो बताय।

कबीर, कबीर के दोहे

VV ka Vichar:

गुरु का स्थान भगवान से भी ऊपर है। अपने teacher, mentor, guide को respect दो — उन्होंने तुम्हें रास्ता दिखाया है।

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जहाँ दया तहाँ धर्म है, जहाँ लोभ तहाँ पाप। जहाँ क्रोध तहाँ काल है, जहाँ क्षमा तहाँ आप।

कबीर, कबीर के दोहे

VV ka Vichar:

दया रखो, लालच छोड़ो, गुस्सा काबू करो, माफ़ करना सीखो — यही जीवन का सार है।

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साईं इतना दीजिये, जा मे कुटुम समाय। मैं भी भूखा ना रहूँ, साधु ना भूखा जाय।

कबीर, कबीर के दोहे

VV ka Vichar:

ज़्यादा की चाह मत रखो। जितने में परिवार खुश रहे और दूसरों की मदद हो सके — बस उतना काफ़ी है।

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जिन खोजा तिन पाइयां, गहरे पानी पैठ। मैं बौरी ढूँढन गई, रही किनारे बैठ।

कबीर, कबीर के दोहे

VV ka Vichar:

गहराई में जाओ तभी कुछ मिलेगा। Surface level effort से कुछ नहीं होता — deep work करो।

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रहिमन धागा प्रेम का, मत तोड़ो चटकाय। टूटे से फिर ना जुड़े, जुड़े गाँठ परि जाय।

कबीर, कबीर के दोहे

VV ka Vichar:

रिश्ते बहुत नाज़ुक होते हैं। गुस्से में कुछ ऐसा मत बोलो जो रिश्ता तोड़ दे — टूटा रिश्ता जुड़ता भी है तो गाँठ रह जाती है।

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बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय। जो दिल खोजा आपना, मुझसे बुरा न कोय।

कबीर, कबीर के दोहे

VV ka Vichar:

दूसरों में बुराई ढूंढने से पहले खुद को देखो। आज रात सोने से पहले अपनी एक गलती लिखो और कल उसे सुधारो।

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माया मरी न मन मरा, मर मर गए शरीर। आशा तृष्णा ना मरी, कह गए दास कबीर।

कबीर, कबीर के दोहे

VV ka Vichar:

इच्छाएं कभी खत्म नहीं होतीं। एक मिल जाए तो दूसरी चाहिए। जो है उसमें संतोष करना सीखो।

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माटी कहे कुम्हार से, तू क्या रौंदे मोय। एक दिन ऐसा आएगा, मैं रौंदूंगी तोय।

कबीर, कबीर के दोहे

VV ka Vichar:

अहंकार मत करो। समय सबसे बड़ा शिक्षक है — जो आज ऊपर है वो कल नीचे हो सकता है।

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तिनका कबहुँ ना निन्दिये, जो पाँवन तर होय। कबहुँ उड़ आँखिन पड़े, तो पीर घनेरी होय।

कबीर, कबीर के दोहे

VV ka Vichar:

किसी को कमज़ोर मत समझो। आज जो छोटा लग रहा है, कल वही बड़ा हो सकता है। सबसे respect से पेश आओ।

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ऐसी वाणी बोलिए, मन का आपा खोय। औरन को शीतल करे, आपहुँ शीतल होय।

कबीर, कबीर के दोहे

VV ka Vichar:

ऐसे बोलो कि सुनने वाले को ठंडक मिले। आज किसी से बात करते वक्त अपनी आवाज़ और शब्दों पर ध्यान दो।

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काल करे सो आज कर, आज करे सो अब। पल में प्रलय होएगी, बहुरि करेगा कब।

कबीर, कबीर के दोहे

VV ka Vichar:

Procrastination सबसे बड़ा दुश्मन है। जो काम कल पर टाल रहे हो — अभी शुरू करो, सिर्फ 5 मिनट।

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चलती चक्की देख के, दिया कबीरा रोय। दो पाटन के बीच में, साबुत बचा न कोय।

कबीर, कबीर के दोहे

VV ka Vichar:

समय किसी को नहीं बख्शता। जो करना है आज करो — कल का भरोसा मत रखो।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

कबीर का सबसे प्रसिद्ध दोहा कौन सा है?
कबीर के सबसे प्रसिद्ध दोहों में एक भाव है — 'ऐसी वाणी बोलिए, मन का आपा खोय; औरन को शीतल करे, आपहुं शीतल होय।' यह मीठे और नम्र वचन बोलने की सीख देता है।
कबीर के दोहे किस बारे में हैं?
कबीर के दोहे प्रेम, सच्चाई, सादगी, मन की शुद्धता और पाखंड के विरोध पर आधारित हैं। वे सरल भाषा में जीवन और आत्मा के गहरे सच को समझाते हैं।
रोज़ कबीर के दोहे पढ़ने से क्या फायदा है?
रोज़ पढ़ने से मन में विनम्रता, सच्चाई और संतोष की भावना बढ़ती है। दोहों की सरल सीख आपके सोचने और व्यवहार करने के तरीके को बेहतर बनाती है।
कबीर के दोहों का अर्थ कैसे समझें?
हर दोहे को धीरे-धीरे पढ़ें और उसके पीछे छिपे भाव पर मनन करें। दोहे को अपने जीवन की स्थितियों से जोड़कर देखने पर उसका असली अर्थ खुलता है।
इन दोहों को status पर कैसे लगाएं?
अपना पसंदीदा दोहा कॉपी करके WhatsApp status पर लगाएँ, चाहें तो सादगी भरी तस्वीर जोड़ें। इससे कबीर की अनमोल वाणी आप और आपके संपर्कों तक पहुँचती है।

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