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छठ पूजा

Chhath Puja

छठ पूजा कब है?

तिथि गणना हो रही है...

📖 छठ पूजा के बारे में

छठ पूजा सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित महापर्व है। कार्तिक शुक्ल षष्ठी को मनाया जाने वाला यह त्योहार बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा पर्व है। चार दिनों तक चलने वाले इस कठिन व्रत में 36 घंटे का निर्जला उपवास, नदी/तालाब में खड़े होकर सूर्य को अर्घ्य देना शामिल है।

🙏 छठ पूजा पूजा विधि — कैसे करें?

नहाय-खाय (पहला दिन): स्नान के बाद शुद्ध भोजन। खरना (दूसरा दिन): दिन भर व्रत, शाम को खीर-रोटी खाकर 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू। संध्या अर्घ्य (तीसरा दिन): डूबते सूर्य को अर्घ्य। उषा अर्घ्य (चौथा दिन): उगते सूर्य को अर्घ्य — व्रत पारण।

✨ विशेष

ठेकुआ (गेहूं-गुड़ का प्रसाद) और फल-सब्जियों से सूप (दौरा) सजाया जाता है। प्रसाद में बांस की टोकरी (सूप) में नारियल, केला, गन्ना रखा जाता है।

💪 VV Challenge

छठ पूजा सबसे कठिन व्रतों में से एक है — 36 घंटे बिना अन्न-जल। यह अनुशासन की चरम परीक्षा है। अपने जीवन में भी कभी-कभी असुविधा को गले लगाएं — comfort zone से बाहर निकलें।

❓ लोग यह भी पूछते हैं

छठ पूजा क्या है?

छठ पूजा सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित महापर्व है। कार्तिक शुक्ल षष्ठी को मनाया जाने वाला यह त्योहार बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा पर्व है। चार दिनों तक चलने वाले इस कठिन व्रत में 36 घंटे का निर्जला उपवास, नदी/तालाब में खड़े होकर सूर्य को अर्घ्य देना शामिल है।

छठ पूजा कब है?

छठ पूजा की तिथि पंचांग गणना के आधार पर तय होती है।

छठ पूजा क्यों मनाया जाता है?

छठ पूजा सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित महापर्व है। कार्तिक शुक्ल षष्ठी को मनाया जाने वाला यह त्योहार बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा पर्व है। चार दिनों तक चलने वाले इस कठिन व्रत में 36 घंटे का निर्जला उपवास, नदी/तालाब में खड़े होकर सूर्य को अर्घ्य देना शामिल है।

छठ पूजा की पूजा विधि क्या है?

नहाय-खाय (पहला दिन): स्नान के बाद शुद्ध भोजन। खरना (दूसरा दिन): दिन भर व्रत, शाम को खीर-रोटी खाकर 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू। संध्या अर्घ्य (तीसरा दिन): डूबते सूर्य को अर्घ्य। उषा अर्घ्य (चौथा दिन): उगते सूर्य को अर्घ्य — व्रत पारण।

छठ पूजा पर क्या करें?

घर की सफाई करें, रंगोली बनाएँ, पूजा करें, दान-पुण्य करें, परिवार के साथ समय बिताएँ, प्रसाद बाँटें, और सकारात्मक कार्य करें।

छठ पूजा पर क्या न करें?

किसी से झगड़ा न करें, मांस-मदिरा का सेवन न करें, नकारात्मक विचारों से बचें, गरीबों का अपमान न करें, और पूजा में शुद्धता का ध्यान रखें।

छठ पूजा का महत्व क्या है?

ठेकुआ (गेहूं-गुड़ का प्रसाद) और फल-सब्जियों से सूप (दौरा) सजाया जाता है। प्रसाद में बांस की टोकरी (सूप) में नारियल, केला, गन्ना रखा जाता है।

छठ पूजा पर क्या खाना बनाएँ?

पारंपरिक सात्विक व्यंजन — खीर, पूरी, हलवा, लड्डू, मिठाई, फल और प्रसाद। मांसाहार और तामसिक भोजन से बचें।

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