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गणेश चतुर्थी

Ganesh Chaturthi

गणेश चतुर्थी कब है?

तिथि गणना हो रही है...

📖 गणेश चतुर्थी के बारे में

गणेश चतुर्थी भगवान गणेश के जन्मोत्सव का 10-दिवसीय महापर्व है जो भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी से शुरू होकर अनंत चतुर्दशी को विसर्जन के साथ समाप्त होता है। यह भारत का सबसे रंगीन सार्वजनिक उत्सव है — विशेषकर महाराष्ट्र में, जहाँ हर गली में गणपति बप्पा की झाँकी सजती है। **पौराणिक कथा:** पार्वती माँ ने अपने शरीर के उबटन से बालक बनाया और द्वार पर पहरा देने को कहा। शिव जी लौटे तो बालक ने उन्हें रोका। क्रोधित शिव ने बालक का सिर काट दिया। पार्वती के शोक से शिव ने हाथी का सिर लगाकर बालक को पुनर्जीवित किया — यही गणेश, विघ्नहर्ता, प्रथम पूज्य बने। **क्षेत्रीय विविधताएँ:** - **महाराष्ट्र:** लोकमान्य तिलक ने 1893 में सार्वजनिक गणेशोत्सव शुरू किया। मुंबई का "लालबागचा राजा" विश्व प्रसिद्ध। - **कर्नाटक-आंध्र:** "विनायक चविथी" — गौरी-गणेश एक साथ पूजा। - **तमिलनाडु:** कोज़ूकट्टै (चावल के आटे के मोदक)। - **गोवा-केरल:** घर पर मिट्टी की मूर्ति बनाना। - **उत्तर भारत:** कम धूमधाम, पर संकष्टी चतुर्थी का अधिक पालन। **ऐतिहासिक विकास:** गणेश पूजन ऋग्वेद काल से — "गणानां त्वा गणपतिं हवामहे"। मौर्य-सातवाहन काल में मूर्तियाँ। पेशवा काल में राजकीय पर्व। आधुनिक रूप तिलक द्वारा — सामाजिक एकता और राष्ट्रीय जागरूकता का मंच। **ज्योतिषीय आधार:** भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को सूर्य कन्या राशि के निकट, वर्षा ऋतु का अंत — ऊर्जा और नई शुरुआत का समय। गणेश बुद्धि और नए आरंभ के देवता। **सांस्कृतिक महत्व:** कला, संगीत, नाटक का उत्सव। विसर्जन जुलूसों में ढोल-ताशे, लेज़िम, लोकनृत्य। इको-फ्रेंडली मिट्टी की मूर्तियों का चलन बढ़ रहा है।

🙏 गणेश चतुर्थी पूजा विधि — कैसे करें?

**सामग्री:** गणेश मूर्ति (मिट्टी की, दक्षिणावर्त सूँड), लाल वस्त्र, 21 दूर्वा, 21 मोदक, लाल पुष्प (गुड़हल विशेष), सिंदूर, कुमकुम, हल्दी, चंदन, अक्षत, दीप, पंचामृत, केला, नारियल। **प्रमुख मंत्र:** - बीज: ॐ गं गणपतये नमः (108 बार) - महा: ॐ वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ - गणेश अथर्वशीर्ष — 11 बार पाठ से सर्व सिद्धि - गायत्री गणेश: ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दंती प्रचोदयात् **10-दिन पूजा:** 1. **दिन 1:** मध्याह्न शुभ मुहूर्त में प्राण प्रतिष्ठा। मूर्ति को स्नान, वस्त्र, अलंकार। षोडशोपचार पूजा। 21 मोदक भोग। आरती। 2. **दिन 2-9:** प्रातः-सायं आरती, नए भोग, अथर्वशीर्ष पाठ, भजन-कीर्तन। 3. **दिन 10 (अनंत चतुर्दशी):** विशेष पूजा, हवन, अंतिम आरती। "गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ" के नारों के साथ जल विसर्जन। **प्रसाद — मोदक:** गणेश जी का प्रिय भोग। 21 मोदक का विशेष महत्व। उकडीचा मोदक (चावल के आटे का) और तले मोदक (गेहूँ का)। भरावन — नारियल, गुड़, खसखस। **सामान्य भूलें:** तुलसी पत्र चढ़ाना वर्जित। पुरानी/खंडित मूर्ति का प्रयोग। चंद्र दर्शन (श्राप से बचने हेतु)। **बच्चों के लिए:** अपनी मिट्टी की मूर्ति स्वयं बनाएँ, सजाएँ। "ॐ गं गणपतये नमः" 21 बार जप। मोदक बनाने में माँ की मदद।

✨ विशेष

**अनंत चतुर्दशी (विसर्जन):** दसवें दिन गणेश जी को जल में विसर्जित करते हैं — "सब अस्थायी है, अगले वर्ष लौटेंगे"। मुंबई में गिरगाँव चौपाटी, जुहू बीच पर लाखों भक्त। **मोदक के 21 प्रकार:** उकडीचा, तला, चना दाल, रवा, ड्राईफ्रूट, चॉकलेट, मावा, नारियल, केसर, गुड़-तिल। **मूर्ति की दिशा:** सूँड दाईं ओर (दक्षिणावर्त) विशेष फलदायी पर कठिन पूजन। बाईं ओर घरेलू पूजा हेतु उचित। मुख पूर्व या पश्चिम। **वर्जनाएँ:** 10 दिन मांस-मदिरा निषेध। नकारात्मक बातचीत, झगड़ा। बासी भोजन न चढ़ाएँ। मूर्ति को अकेला न छोड़ें। **ईको-फ्रेंडली:** मिट्टी-हल्दी की मूर्तियाँ, प्राकृतिक रंग, घर पर बाल्टी में प्रतीकात्मक विसर्जन। **प्रसिद्ध पंडाल:** लालबागचा राजा (मुंबई), दगड़ूशेठ (पुणे), गणेश गली, खेतवाड़ी।

💪 VV Challenge

**VV Challenge — 10 दिन, 10 विघ्न विसर्जन:** गणेश विघ्नहर्ता हैं। हर व्यक्ति के जीवन में सालों पुराने विघ्न हैं। इस बार तय करें — "10 दिनों में 10 विघ्न विसर्जित करूँगा।" **प्लान:** - **दिन 1:** सूची बनाएँ — 10 सबसे बड़े विघ्न (आलस्य, डर, विलंब, बुरी आदत, टॉक्सिक रिश्ता, अधूरा काम, बंद सपना) - **दिन 2-9:** हर दिन एक विघ्न पर फोकस। पहले लिखें, फिर ठोस कदम उठाएँ। - **दिन 10 (विसर्जन):** सूची जलाएँ/जल में प्रवाहित करें। नई सूची: अगले 90 दिन के 3 लक्ष्य। **दैनिक:** सुबह "ॐ गं गणपतये नमः" 5 मिनट — dopamine-serotonin संतुलन लाता है। **याद रखें:** गणेश बाहर की मूर्ति नहीं — आपकी बुद्धि ही गणेश है। बुद्धिमान कदम ही सच्ची पूजा है।

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गणेश चतुर्थी क्या है?

गणेश चतुर्थी भगवान गणेश के जन्मोत्सव का 10-दिवसीय महापर्व है जो भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी से शुरू होकर अनंत चतुर्दशी को विसर्जन के साथ समाप्त होता है। यह भारत का सबसे रंगीन सार्वजनिक उत्सव है — विशेषकर महाराष्ट्र में, जहाँ हर गली में गणपति बप्पा की झाँकी सजती है। **पौराणिक कथा:** पार्वती माँ ने अपने शरीर के उबटन से बालक बनाया और द्वार पर पहरा देने को कहा। शिव जी लौटे तो बालक ने उन्हें रोका। क्रोधित शिव ने बालक का सिर काट दिया। पार्वती के शोक से शिव ने हाथी का सिर लगाकर बालक को पुनर्जीवित किया — यही

गणेश चतुर्थी कब है?

गणेश चतुर्थी की तिथि पंचांग गणना के आधार पर तय होती है।

गणेश चतुर्थी क्यों मनाया जाता है?

गणेश चतुर्थी भगवान गणेश के जन्मोत्सव का 10-दिवसीय महापर्व है जो भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी से शुरू होकर अनंत चतुर्दशी को विसर्जन के साथ समाप्त होता है। यह भारत का सबसे रंगीन सार्वजनिक उत्सव है — विशेषकर महाराष्ट्र में, जहाँ हर गली में गणपति बप्पा की झाँकी सजती है। **पौराणिक कथा:** पार्वती माँ ने अपने शरीर के उबटन से बालक बनाया और द्वार पर पहरा देने को कहा। शिव जी लौटे तो बालक ने उन्हें रोका। क्रोधित शिव ने बालक का सिर काट दिया। पार्वती के शोक से शिव ने हाथी का सिर लगाकर बालक को पुनर्जीवित किया — यही

गणेश चतुर्थी की पूजा विधि क्या है?

**सामग्री:** गणेश मूर्ति (मिट्टी की, दक्षिणावर्त सूँड), लाल वस्त्र, 21 दूर्वा, 21 मोदक, लाल पुष्प (गुड़हल विशेष), सिंदूर, कुमकुम, हल्दी, चंदन, अक्षत, दीप, पंचामृत, केला, नारियल। **प्रमुख मंत्र:** - बीज: ॐ गं गणपतये नमः (108 बार) - महा: ॐ वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ - गणेश अथर्वशीर्ष — 11 बार पाठ से सर्व सिद्धि - गायत्री गणेश: ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दंती प्रचोदयात् **10-दिन पूजा:** 1. **दिन 1:** मध्याह्न शुभ मुहूर्त में प्राण प्रतिष्ठा। मूर्ति को स्नान, वस्त्र, अलंकार। षोडशोपचार पूजा। 21 मोदक भोग। आरती। 2. **दिन 2-9:** प्र

गणेश चतुर्थी पर क्या करें?

घर की सफाई करें, रंगोली बनाएँ, पूजा करें, दान-पुण्य करें, परिवार के साथ समय बिताएँ, प्रसाद बाँटें, और सकारात्मक कार्य करें।

गणेश चतुर्थी पर क्या न करें?

किसी से झगड़ा न करें, मांस-मदिरा का सेवन न करें, नकारात्मक विचारों से बचें, गरीबों का अपमान न करें, और पूजा में शुद्धता का ध्यान रखें।

गणेश चतुर्थी का महत्व क्या है?

**अनंत चतुर्दशी (विसर्जन):** दसवें दिन गणेश जी को जल में विसर्जित करते हैं — "सब अस्थायी है, अगले वर्ष लौटेंगे"। मुंबई में गिरगाँव चौपाटी, जुहू बीच पर लाखों भक्त। **मोदक के 21 प्रकार:** उकडीचा, तला, चना दाल, रवा, ड्राईफ्रूट, चॉकलेट, मावा, नारियल, केसर, गुड़-तिल। **मूर्ति की दिशा:** सूँड दाईं ओर (दक्षिणावर्त) विशेष फलदायी पर कठिन पूजन। बाईं ओर घरेलू पूजा हेतु उचित। मुख पूर्व या पश्चिम। **वर्जनाएँ:** 10 दिन मांस-मदिरा निषेध। नकारात्मक बातचीत, झगड़ा। बासी भोजन न चढ़ाएँ। मूर्ति को अकेला न छोड़ें।

गणेश चतुर्थी पर क्या खाना बनाएँ?

पारंपरिक सात्विक व्यंजन — खीर, पूरी, हलवा, लड्डू, मिठाई, फल और प्रसाद। मांसाहार और तामसिक भोजन से बचें।

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