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🪁

मकर संक्रांति

Makar Sankranti

मकर संक्रांति कब है?

तिथि गणना हो रही है...

📖 मकर संक्रांति के बारे में

मकर संक्रांति सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का पर्व है — यह एकमात्र प्रमुख हिंदू त्योहार है जो सौर कैलेंडर पर आधारित है (14-15 जनवरी)। इस दिन से दिन बड़े होने लगते हैं। तिल-गुड़ का आदान-प्रदान, पतंगबाज़ी, और गंगा स्नान इस पर्व की विशेषता है। गुजरात में इसे उत्तरायण, तमिलनाडु में पोंगल, और असम में बिहू कहते हैं।

🙏 मकर संक्रांति पूजा विधि — कैसे करें?

सूर्योदय से पहले स्नान करें। सूर्य देव को जल अर्पित करें। तिल-गुड़ के लड्डू बांटें। दान करें — विशेषकर तिल, गुड़, कंबल, अन्न।

✨ विशेष

पतंगबाज़ी गुजरात और राजस्थान की परंपरा है। "तिल गुड़ घ्या, गोड गोड बोला" — तिल-गुड़ लो और मीठा बोलो (मराठी परंपरा)।

💪 VV Challenge

मकर संक्रांति उत्तरायण की शुरुआत है — प्रगति की दिशा। आज अपने साल के सबसे बड़े लक्ष्य को तय करें। जैसे सूर्य उत्तर की ओर बढ़ता है, वैसे ही आप भी अपने लक्ष्य की ओर बढ़ें।

❓ लोग यह भी पूछते हैं

मकर संक्रांति क्या है?

मकर संक्रांति सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का पर्व है — यह एकमात्र प्रमुख हिंदू त्योहार है जो सौर कैलेंडर पर आधारित है (14-15 जनवरी)। इस दिन से दिन बड़े होने लगते हैं। तिल-गुड़ का आदान-प्रदान, पतंगबाज़ी, और गंगा स्नान इस पर्व की विशेषता है। गुजरात में इसे उत्तरायण, तमिलनाडु में पोंगल, और असम में बिहू कहते हैं।

मकर संक्रांति कब है?

मकर संक्रांति की तिथि पंचांग गणना के आधार पर तय होती है।

मकर संक्रांति क्यों मनाया जाता है?

मकर संक्रांति सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का पर्व है — यह एकमात्र प्रमुख हिंदू त्योहार है जो सौर कैलेंडर पर आधारित है (14-15 जनवरी)। इस दिन से दिन बड़े होने लगते हैं। तिल-गुड़ का आदान-प्रदान, पतंगबाज़ी, और गंगा स्नान इस पर्व की विशेषता है। गुजरात में इसे उत्तरायण, तमिलनाडु में पोंगल, और असम में बिहू कहते हैं।

मकर संक्रांति की पूजा विधि क्या है?

सूर्योदय से पहले स्नान करें। सूर्य देव को जल अर्पित करें। तिल-गुड़ के लड्डू बांटें। दान करें — विशेषकर तिल, गुड़, कंबल, अन्न।

मकर संक्रांति पर क्या करें?

घर की सफाई करें, रंगोली बनाएँ, पूजा करें, दान-पुण्य करें, परिवार के साथ समय बिताएँ, प्रसाद बाँटें, और सकारात्मक कार्य करें।

मकर संक्रांति पर क्या न करें?

किसी से झगड़ा न करें, मांस-मदिरा का सेवन न करें, नकारात्मक विचारों से बचें, गरीबों का अपमान न करें, और पूजा में शुद्धता का ध्यान रखें।

मकर संक्रांति का महत्व क्या है?

पतंगबाज़ी गुजरात और राजस्थान की परंपरा है। "तिल गुड़ घ्या, गोड गोड बोला" — तिल-गुड़ लो और मीठा बोलो (मराठी परंपरा)।

मकर संक्रांति पर क्या खाना बनाएँ?

पारंपरिक सात्विक व्यंजन — खीर, पूरी, हलवा, लड्डू, मिठाई, फल और प्रसाद। मांसाहार और तामसिक भोजन से बचें।

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