गोवर्धन पूजा
Govardhan Puja
गोवर्धन पूजा कब है?
तिथि गणना हो रही है...
📖 गोवर्धन पूजा के बारे में
गोवर्धन पूजा दिवाली के अगले दिन कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को मनाई जाती है। भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर उठाकर ब्रजवासियों को इंद्र के प्रकोप से बचाया था। इस दिन गोबर से गोवर्धन बनाकर पूजा की जाती है। अन्नकूट — 56 प्रकार के भोग — का प्रसाद बनाया जाता है।
🙏 गोवर्धन पूजा पूजा विधि — कैसे करें?
गोबर से गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाएं। 56 भोग (अन्नकूट) का प्रसाद सजाएं। गोवर्धन की परिक्रमा करें। गोधन (गायों) की पूजा करें।
✨ विशेष
मथुरा-वृंदावन के मंदिरों में विशाल अन्नकूट सजाया जाता है।
💪 VV Challenge
गोवर्धन पूजा सिखाती है कि प्रकृति की सेवा सबसे बड़ी पूजा है। आज पर्यावरण के लिए एक छोटा कदम उठाएं — एक पेड़ लगाएं या प्लास्टिक कम करें।
❓ लोग यह भी पूछते हैं
गोवर्धन पूजा क्या है?
गोवर्धन पूजा दिवाली के अगले दिन कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को मनाई जाती है। भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर उठाकर ब्रजवासियों को इंद्र के प्रकोप से बचाया था। इस दिन गोबर से गोवर्धन बनाकर पूजा की जाती है। अन्नकूट — 56 प्रकार के भोग — का प्रसाद बनाया जाता है।
गोवर्धन पूजा कब है?
गोवर्धन पूजा की तिथि पंचांग गणना के आधार पर तय होती है।
गोवर्धन पूजा क्यों मनाया जाता है?
गोवर्धन पूजा दिवाली के अगले दिन कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को मनाई जाती है। भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर उठाकर ब्रजवासियों को इंद्र के प्रकोप से बचाया था। इस दिन गोबर से गोवर्धन बनाकर पूजा की जाती है। अन्नकूट — 56 प्रकार के भोग — का प्रसाद बनाया जाता है।
गोवर्धन पूजा की पूजा विधि क्या है?
गोबर से गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाएं। 56 भोग (अन्नकूट) का प्रसाद सजाएं। गोवर्धन की परिक्रमा करें। गोधन (गायों) की पूजा करें।
गोवर्धन पूजा पर क्या करें?
घर की सफाई करें, रंगोली बनाएँ, पूजा करें, दान-पुण्य करें, परिवार के साथ समय बिताएँ, प्रसाद बाँटें, और सकारात्मक कार्य करें।
गोवर्धन पूजा पर क्या न करें?
किसी से झगड़ा न करें, मांस-मदिरा का सेवन न करें, नकारात्मक विचारों से बचें, गरीबों का अपमान न करें, और पूजा में शुद्धता का ध्यान रखें।
गोवर्धन पूजा का महत्व क्या है?
मथुरा-वृंदावन के मंदिरों में विशाल अन्नकूट सजाया जाता है।
गोवर्धन पूजा पर क्या खाना बनाएँ?
पारंपरिक सात्विक व्यंजन — खीर, पूरी, हलवा, लड्डू, मिठाई, फल और प्रसाद। मांसाहार और तामसिक भोजन से बचें।