आयुष्मान योग का परिचय
आयुष्मान योग 'दीर्घायु' का योग है — इसमें किए गए कार्य जातक के जीवनकाल में दीर्घकालीन व स्थायी फल देते हैं। स्वास्थ्य संबंधी कार्य, आयुर्वेदिक उपचार आरंभ, योग व ध्यान की दीक्षा, जन्मदिन पूजा, नामकरण संस्कार, व बच्चों से जुड़े अनुष्ठान इस योग में श्रेष्ठ हैं। चिकित्सा शुरू करने, औषधि सेवन, पुष्टिकर आहार आरंभ करने के लिए भी यह योग शुभ। दीर्घकालिक निवेश व स्थायी संपत्ति में भी अनुकूल।
प्रकृति
शुभ
स्वामी देवता
चंद्र
योग क्रमांक
3 / 27
अंग्रेज़ी नाम
Ayushman
शुभ कार्य
- ✓आरोग्य संबंधी कार्य
- ✓औषधि सेवन आरंभ
- ✓नामकरण, मुंडन
- ✓दीर्घकालिक निवेश
- ✓योग-ध्यान दीक्षा
अशुभ / वर्जित कार्य
- ✗कोई विशेष वर्जना नहीं
मंत्र
ॐ चंद्रमसे नमः
ॐ धन्वन्तरये नमः
आयुष्मान योग में व्रत रखना शुभ
इस योग में एकादशी, प्रदोष या अन्य व्रत का संकल्प विशेष फलदायी है
आयुष्मान योग — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (People also ask)
आयुष्मान योग क्या है?
आयुष्मान (Ayushman) पंचांग के 27 योगों में 3वाँ योग है। इसकी प्रकृति शुभ है और स्वामी चंद्र हैं। आयुष्मान योग 'दीर्घायु' का योग है — इसमें किए गए कार्य जातक के जीवनकाल में दीर्घकालीन व स्थायी फल देते हैं। स्वास्थ्य संबंधी कार्य, आयुर्वेदिक उपचार आ
आयुष्मान योग में क्या करना चाहिए?
आयुष्मान योग में आरोग्य संबंधी कार्य, औषधि सेवन आरंभ, नामकरण, मुंडन जैसे कार्य विशेष फलदायी माने गए हैं।
आयुष्मान योग में क्या नहीं करना चाहिए?
आयुष्मान योग सामान्यतः शुभ है — विशेष वर्जना नहीं है। फिर भी अन्य पंचांग तत्वों का विचार अवश्य करें।
Ayushman yoga shubh hai ya ashubh?
Ayushman (आयुष्मान) yoga shubh mana gaya hai. शुभ yog hai — iski detail is page par upar di gayi hai.
आयुष्मान योग का मंत्र क्या है?
आयुष्मान योग में "ॐ चंद्रमसे नमः", "ॐ धन्वन्तरये नमः" मंत्रों का जाप श्रेष्ठ है। स्वामी चंद्र की पूजा विशेष फलदायी होती है।
आयुष्मान योग में विवाह कर सकते हैं?
आयुष्मान योग में विवाह सामान्यतः टालना चाहिए। यदि आवश्यक हो तो गणेश पूजन व अन्य योगों के अनुकूल होने पर किया जा सकता है।