विष्कम्भ योग का परिचय
विष्कम्भ योग को 'अशुभ' या 'बाधा-युक्त' योग माना गया है। 'विष्कम्भ' का अर्थ है 'रुकावट' या 'विघ्न'। इस योग में सामान्य रूप से नए कार्य, यात्रा, विवाह, गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य आरंभ करने से बचने की परंपरा है। किंतु शास्त्रों के अनुसार योग के प्रथम 5 घटियों को छोड़ कर शेष समय में सामान्य कार्य किए जा सकते हैं। आध्यात्मिक साधना, मंत्र जप, व्रत-उपवास व पितृ कार्य इस योग में अच्छे फल देते हैं। आधुनिक दृष्टि में यदि अन्य पंचांग तत्व (तिथि, नक्षत्र, वार) अनुकूल हों तो विष्कम्भ का प्रभाव कम किया जा सकता है।
प्रकृति
अशुभ
स्वामी देवता
यमराज
योग क्रमांक
1 / 27
अंग्रेज़ी नाम
Vishkambha
शुभ कार्य
- ✓आध्यात्मिक साधना
- ✓मंत्र जप
- ✓पितृ कार्य
- ✓गुरु सेवा
अशुभ / वर्जित कार्य
- ✗नई यात्रा
- ✗विवाह
- ✗गृह प्रवेश
- ✗नया व्यवसाय
उपाय
- •गणेश पूजन कर कार्य आरंभ करें
- •हनुमान चालीसा पाठ
- •पहले 5 घटी (लगभग 2 घंटे) टालें
मंत्र
ॐ गं गणपतये नमः
ॐ यमाय नमः
सावधानी — इन तिथियों के साथ विशेष ध्यान रखें
विष्कम्भ योग — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (People also ask)
विष्कम्भ योग क्या है?
विष्कम्भ (Vishkambha) पंचांग के 27 योगों में 1वाँ योग है। इसकी प्रकृति अशुभ है और स्वामी यमराज हैं। विष्कम्भ योग को 'अशुभ' या 'बाधा-युक्त' योग माना गया है। 'विष्कम्भ' का अर्थ है 'रुकावट' या 'विघ्न'। इस योग में सामान्य रूप से नए कार्य, यात्रा, विवाह,
विष्कम्भ योग में क्या करना चाहिए?
विष्कम्भ योग में आध्यात्मिक साधना, मंत्र जप, पितृ कार्य जैसे कार्य विशेष उपयोगी माने गए हैं।
विष्कम्भ योग में क्या नहीं करना चाहिए?
विष्कम्भ योग में नई यात्रा, विवाह, गृह प्रवेश, नया व्यवसाय जैसे कार्यों से बचना चाहिए।
Vishkambha yoga shubh hai ya ashubh?
Vishkambha (विष्कम्भ) yoga ashubh mana gaya hai. अशुभ yog hai — iski detail is page par upar di gayi hai.
विष्कम्भ योग का मंत्र क्या है?
विष्कम्भ योग में "ॐ गं गणपतये नमः", "ॐ यमाय नमः" मंत्रों का जाप श्रेष्ठ है। स्वामी यमराज की पूजा विशेष फलदायी होती है।
विष्कम्भ योग में विवाह कर सकते हैं?
विष्कम्भ योग में विवाह सामान्यतः टालना चाहिए। यदि आवश्यक हो तो गणेश पूजन व अन्य योगों के अनुकूल होने पर किया जा सकता है।