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तिथि — Hindu Lunar Day

चतुर्थी तिथि (Chaturthi)

भगवान गणेश को समर्पित · पृथ्वी तत्व · तिथि क्रमांक 4

चतुर्थी तिथि का महत्व

चतुर्थी तिथि भगवान गणेश को समर्पित है। यह विघ्नहर्ता, बुद्धि के स्वामी गणपति की पूजा की तिथि है। शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को 'विनायक चतुर्थी' और कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को 'संकष्टी चतुर्थी' कहा जाता है। भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी पर गणेश चतुर्थी का 10 दिवसीय महापर्व मनाया जाता है — यह नए कार्यों के शुभारंभ की श्रेष्ठ तिथि है। माघ मास की संकष्टी को 'तिलकुटा चतुर्थी' और कार्तिक कृष्ण चतुर्थी को 'करवा चौथ' के रूप में मनाया जाता है। चतुर्थी को 'रिक्ता तिथि' के अंतर्गत गिना जाता है, इसलिए कुछ शुभ कार्य जैसे विवाह और लंबी यात्रा के लिए यह कम उपयुक्त मानी जाती है। किंतु परीक्षा, प्रतियोगिता, नए व्यवसाय का विचार, बाधाओं को दूर करने के उपाय इसी दिन करना अत्यंत फलदायी होता है। चंद्र दर्शन भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी पर वर्जित माना जाता है।

स्वामी देवता

भगवान गणेश

तत्व

पृथ्वी तत्व

क्रमांक

4

पक्ष

शुक्ल व कृष्ण

शुभ कार्य (क्या करें)

  • गणेश पूजा, बाधा निवारण
  • परीक्षा व प्रतियोगिता
  • करवा चौथ व्रत (कार्तिक कृष्ण 4)
  • संकष्टी चतुर्थी व्रत
  • विद्या संबंधी कार्य

अशुभ कार्य (क्या न करें)

  • विवाह निश्चय
  • लंबी यात्रा
  • भाद्रपद शुक्ल 4 को चंद्र दर्शन

उपाय व मंत्र

उपाय

  • गणेश जी को 21 मोदक अर्पण
  • दूर्वा घास की 21 लड़ियाँ चढ़ाएँ
  • संकष्टी पर चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोलें

मंत्र

ॐ गं गणपतये नमः

ॐ वक्रतुंडाय हुं

संबंधित व्रत

चतुर्थी तिथि पर संकष्टी चतुर्थी व्रत विशेष फलदायी है

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आगामी चतुर्थी तिथियाँ (2026-2027)

मंगलवार, 5 मई 2026कृष्ण पक्ष
गुरुवार, 4 जून 2026कृष्ण पक्ष
शनिवार, 4 जुलाई 2026कृष्ण पक्ष
रविवार, 2 अगस्त 2026कृष्ण पक्ष
मंगलवार, 1 सितंबर 2026कृष्ण पक्ष
बुधवार, 30 सितंबर 2026कृष्ण पक्ष

चतुर्थी तिथि — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (People also ask)

चतुर्थी तिथि क्या है?

चतुर्थी (Chaturthi) हिंदू पंचांग की 4वीं तिथि है, जो भगवान गणेश को समर्पित है। यह पृथ्वी तत्व से जुड़ी है और चंद्र मास के दोनों पक्षों (शुक्ल व कृष्ण) में आती है।

चतुर्थी तिथि के दिन क्या करना चाहिए?

चतुर्थी तिथि पर गणेश पूजा, बाधा निवारण, परीक्षा व प्रतियोगिता, करवा चौथ व्रत (कार्तिक कृष्ण 4) जैसे कार्य विशेष शुभ माने गए हैं। भगवान गणेश का स्मरण व पूजन फलदायी होता है।

चतुर्थी तिथि पर कौन से कार्य नहीं करने चाहिए?

चतुर्थी तिथि पर विवाह निश्चय, लंबी यात्रा, भाद्रपद शुक्ल 4 को चंद्र दर्शन जैसे कार्यों से बचना चाहिए। अन्य पंचांग तत्वों (नक्षत्र, योग, वार) का विचार अवश्य करें।

चतुर्थी तिथि का स्वामी कौन है?

चतुर्थी तिथि के स्वामी भगवान गणेश हैं। इस दिन इनकी पूजा व मंत्र जप विशेष फलदायी माना गया है।

Chaturthi tithi kab hai 2026?

Chaturthi tithi har mahine aati hai — shukla aur krishna paksha mein. Upcoming Chaturthi tithi dates is page par niche di gayi hain, including Hindu month aur paksha info.

चतुर्थी तिथि पर कौन से मंत्र का जाप करें?

चतुर्थी तिथि पर "ॐ गं गणपतये नमः", "ॐ वक्रतुंडाय हुं" मंत्रों का जाप श्रेष्ठ है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा करके मनोकामना सिद्ध की जा सकती है।

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