द्वादशी तिथि का महत्व
द्वादशी तिथि भी भगवान विष्णु को समर्पित है और यह एकादशी व्रत के पारणा (व्रत तोड़ने) की तिथि होती है। एकादशी का व्रत द्वादशी पर उचित मुहूर्त में तोड़ा जाता है — अन्यथा पूर्ण फल नहीं मिलता। कार्तिक शुक्ल द्वादशी को 'तुलसी विवाह' का पर्व आता है, जब तुलसी माता का भगवान शालिग्राम से विवाह संपन्न होता है। भाद्रपद शुक्ल द्वादशी को 'वामन जयंती' मनाई जाती है। द्वादशी 'भद्रा तिथि' के अंतर्गत आती है — यह स्थिरता, धर्म, सत्य और सामंजस्य की तिथि है। विवाह, गृह प्रवेश, यात्रा, व्यवसाय आरंभ — सभी कार्यों के लिए शुभ। तुलसी का पौधा लगाने, वृक्षारोपण करने, और पारिवारिक सामंजस्य बढ़ाने के संकल्प लेने के लिए यह तिथि विशेष अनुकूल है।
स्वामी देवता
भगवान विष्णु / तुलसी माता
तत्व
जल तत्व
क्रमांक
12
पक्ष
शुक्ल व कृष्ण
शुभ कार्य (क्या करें)
- ✓एकादशी व्रत पारणा
- ✓तुलसी विवाह (कार्तिक शुक्ल 12)
- ✓विवाह, गृह प्रवेश
- ✓वृक्षारोपण
- ✓दान-पुण्य
अशुभ कार्य (क्या न करें)
- ✗मांस-मदिरा सेवन
- ✗झगड़ा, विवाद
उपाय व मंत्र
उपाय
- •तुलसी की परिक्रमा व दीप दान
- •विष्णु पूजन व भोग अर्पण
मंत्र
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
ॐ तुलस्यै नमः
आगामी द्वादशी तिथियाँ (2026-2027)
द्वादशी तिथि — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (People also ask)
द्वादशी तिथि क्या है?
द्वादशी (Dvadashi) हिंदू पंचांग की 12वीं तिथि है, जो भगवान विष्णु / तुलसी माता को समर्पित है। यह जल तत्व से जुड़ी है और चंद्र मास के दोनों पक्षों (शुक्ल व कृष्ण) में आती है।
द्वादशी तिथि के दिन क्या करना चाहिए?
द्वादशी तिथि पर एकादशी व्रत पारणा, तुलसी विवाह (कार्तिक शुक्ल 12), विवाह, गृह प्रवेश जैसे कार्य विशेष शुभ माने गए हैं। भगवान विष्णु / तुलसी माता का स्मरण व पूजन फलदायी होता है।
द्वादशी तिथि पर कौन से कार्य नहीं करने चाहिए?
द्वादशी तिथि पर मांस-मदिरा सेवन, झगड़ा, विवाद जैसे कार्यों से बचना चाहिए। अन्य पंचांग तत्वों (नक्षत्र, योग, वार) का विचार अवश्य करें।
द्वादशी तिथि का स्वामी कौन है?
द्वादशी तिथि के स्वामी भगवान विष्णु / तुलसी माता हैं। इस दिन इनकी पूजा व मंत्र जप विशेष फलदायी माना गया है।
Dvadashi tithi kab hai 2026?
Dvadashi tithi har mahine aati hai — shukla aur krishna paksha mein. Upcoming Dvadashi tithi dates is page par niche di gayi hain, including Hindu month aur paksha info.
द्वादशी तिथि पर कौन से मंत्र का जाप करें?
द्वादशी तिथि पर "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय", "ॐ तुलस्यै नमः" मंत्रों का जाप श्रेष्ठ है। इस दिन भगवान विष्णु / तुलसी माता की पूजा करके मनोकामना सिद्ध की जा सकती है।
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