षष्ठी तिथि का महत्व
षष्ठी तिथि भगवान कार्तिकेय (स्कंद / मुरुगन) को समर्पित है। इसे 'स्कंद षष्ठी' के रूप में भी जाना जाता है। यह तिथि बल, पराक्रम, स्वास्थ्य और संतान सुख का प्रतीक है। पौष शुक्ल षष्ठी को 'छठ पूजा' का महापर्व आता है, जो सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित है — यह चार दिवसीय कठोर व्रत है। संतान गोपाल, पुत्र प्राप्ति और बच्चों के स्वास्थ्य के लिए षष्ठी का व्रत अत्यंत शुभ माना गया है। यह 'नंदा तिथि' के अंतर्गत आती है, इसलिए सामान्य शुभ कार्यों में ठीक है किंतु विवाह और बड़े निर्णयों के लिए अन्य पंचांग तत्व देखें। सैन्य सेवा, प्रतियोगी परीक्षा, शारीरिक प्रतियोगिता और साहस से जुड़े कार्यों में यह तिथि विशेष अनुकूल होती है। कृष्ण षष्ठी को पितरों के कार्य भी किए जा सकते हैं।
स्वामी देवता
भगवान कार्तिकेय (स्कंद)
तत्व
अग्नि तत्व
क्रमांक
6
पक्ष
शुक्ल व कृष्ण
शुभ कार्य (क्या करें)
- ✓छठ पूजा (पौष शुक्ल)
- ✓स्कंद षष्ठी — कार्तिकेय पूजा
- ✓संतान सुख हेतु व्रत
- ✓प्रतियोगी परीक्षा
- ✓शारीरिक प्रशिक्षण आरंभ
अशुभ कार्य (क्या न करें)
- ✗ऋण लेना
- ✗विवाद आरंभ
उपाय व मंत्र
उपाय
- •कार्तिकेय को लाल पुष्प अर्पण
- •छठ पर सूर्य को अर्घ्य
मंत्र
ॐ शरवणभवाय नमः
ॐ सूर्याय नमः
आगामी षष्ठी तिथियाँ (2026-2027)
षष्ठी तिथि — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (People also ask)
षष्ठी तिथि क्या है?
षष्ठी (Shashthi) हिंदू पंचांग की 6वीं तिथि है, जो भगवान कार्तिकेय (स्कंद) को समर्पित है। यह अग्नि तत्व से जुड़ी है और चंद्र मास के दोनों पक्षों (शुक्ल व कृष्ण) में आती है।
षष्ठी तिथि के दिन क्या करना चाहिए?
षष्ठी तिथि पर छठ पूजा (पौष शुक्ल), स्कंद षष्ठी — कार्तिकेय पूजा, संतान सुख हेतु व्रत जैसे कार्य विशेष शुभ माने गए हैं। भगवान कार्तिकेय (स्कंद) का स्मरण व पूजन फलदायी होता है।
षष्ठी तिथि पर कौन से कार्य नहीं करने चाहिए?
षष्ठी तिथि पर ऋण लेना, विवाद आरंभ जैसे कार्यों से बचना चाहिए। अन्य पंचांग तत्वों (नक्षत्र, योग, वार) का विचार अवश्य करें।
षष्ठी तिथि का स्वामी कौन है?
षष्ठी तिथि के स्वामी भगवान कार्तिकेय (स्कंद) हैं। इस दिन इनकी पूजा व मंत्र जप विशेष फलदायी माना गया है।
Shashthi tithi kab hai 2026?
Shashthi tithi har mahine aati hai — shukla aur krishna paksha mein. Upcoming Shashthi tithi dates is page par niche di gayi hain, including Hindu month aur paksha info.
षष्ठी तिथि पर कौन से मंत्र का जाप करें?
षष्ठी तिथि पर "ॐ शरवणभवाय नमः", "ॐ सूर्याय नमः" मंत्रों का जाप श्रेष्ठ है। इस दिन भगवान कार्तिकेय (स्कंद) की पूजा करके मनोकामना सिद्ध की जा सकती है।
संबंधित राशिफल देखें
प्रेरणादायक विचार पढ़ें
आज का पंचांग देखें
तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहुकाल — सब एक जगह