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तिथि — Hindu Lunar Day

अष्टमी तिथि (Ashtami)

माँ दुर्गा / भगवान कृष्ण / भैरव को समर्पित · पृथ्वी / वायु · तिथि क्रमांक 8

अष्टमी तिथि का महत्व

अष्टमी तिथि माँ दुर्गा, भगवान भैरव और भगवान कृष्ण से जुड़ी है। भाद्रपद कृष्ण अष्टमी को श्री कृष्ण जन्माष्टमी का महापर्व आता है — यह भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव है। शारदीय व चैत्र नवरात्रि की अष्टमी को 'महाष्टमी' कहते हैं, जब माँ महागौरी की पूजा होती है और कन्या पूजन किया जाता है। अष्टमी को 'रिक्ता तिथि' के अंतर्गत गिना जाता है, इसलिए विवाह और अन्य सामान्य शुभ कार्यों के लिए यह सर्वोत्तम नहीं मानी जाती — किंतु देवी-देवताओं की उपासना, तंत्र साधना, भैरव पूजा, जप-तप और व्रत के लिए यह अत्यंत शक्तिशाली तिथि है। दुर्गा अष्टमी पर शक्ति आराधना से मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। शत्रु बाधा निवारण और पराक्रम की प्राप्ति के लिए भी यह तिथि उपयोगी है।

स्वामी देवता

माँ दुर्गा / भगवान कृष्ण / भैरव

तत्व

पृथ्वी / वायु

क्रमांक

8

पक्ष

शुक्ल व कृष्ण

शुभ कार्य (क्या करें)

  • जन्माष्टमी व्रत
  • दुर्गा अष्टमी — कन्या पूजन
  • भैरव पूजा
  • तंत्र साधना (गुरु मार्गदर्शन में)
  • व्रत व उपवास

अशुभ कार्य (क्या न करें)

  • विवाह
  • गृह प्रवेश
  • नई दुकान का शुभारंभ

उपाय व मंत्र

उपाय

  • दुर्गा सप्तशती का पाठ
  • कन्याओं को भोजन व उपहार
  • भैरव मंदिर में दीप दान

मंत्र

ॐ दुं दुर्गायै नमः

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय

आगामी अष्टमी तिथियाँ (2026-2027)

शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026शुक्ल पक्ष
शनिवार, 23 मई 2026शुक्ल पक्ष
सोमवार, 22 जून 2026शुक्ल पक्ष
मंगलवार, 21 जुलाई 2026शुक्ल पक्ष
गुरुवार, 20 अगस्त 2026शुक्ल पक्ष
शनिवार, 19 सितंबर 2026शुक्ल पक्ष
सोमवार, 19 अक्टूबर 2026शुक्ल पक्ष

अष्टमी तिथि — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (People also ask)

अष्टमी तिथि क्या है?

अष्टमी (Ashtami) हिंदू पंचांग की 8वीं तिथि है, जो माँ दुर्गा / भगवान कृष्ण / भैरव को समर्पित है। यह पृथ्वी / वायु से जुड़ी है और चंद्र मास के दोनों पक्षों (शुक्ल व कृष्ण) में आती है।

अष्टमी तिथि के दिन क्या करना चाहिए?

अष्टमी तिथि पर जन्माष्टमी व्रत, दुर्गा अष्टमी — कन्या पूजन, भैरव पूजा जैसे कार्य विशेष शुभ माने गए हैं। माँ दुर्गा / भगवान कृष्ण / भैरव का स्मरण व पूजन फलदायी होता है।

अष्टमी तिथि पर कौन से कार्य नहीं करने चाहिए?

अष्टमी तिथि पर विवाह, गृह प्रवेश, नई दुकान का शुभारंभ जैसे कार्यों से बचना चाहिए। अन्य पंचांग तत्वों (नक्षत्र, योग, वार) का विचार अवश्य करें।

अष्टमी तिथि का स्वामी कौन है?

अष्टमी तिथि के स्वामी माँ दुर्गा / भगवान कृष्ण / भैरव हैं। इस दिन इनकी पूजा व मंत्र जप विशेष फलदायी माना गया है।

Ashtami tithi kab hai 2026?

Ashtami tithi har mahine aati hai — shukla aur krishna paksha mein. Upcoming Ashtami tithi dates is page par niche di gayi hain, including Hindu month aur paksha info.

अष्टमी तिथि पर कौन से मंत्र का जाप करें?

अष्टमी तिथि पर "ॐ दुं दुर्गायै नमः", "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्रों का जाप श्रेष्ठ है। इस दिन माँ दुर्गा / भगवान कृष्ण / भैरव की पूजा करके मनोकामना सिद्ध की जा सकती है।

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