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तिथि — Hindu Lunar Day

तृतीया तिथि (Tritiya)

माता गौरी / पार्वती को समर्पित · पृथ्वी / अग्नि · तिथि क्रमांक 3

तृतीया तिथि का महत्व

तृतीया तिथि को 'जया तिथि' के अंतर्गत गिना जाता है और यह पराक्रम, विजय और स्थायित्व का प्रतीक है। वैशाख शुक्ल तृतीया को अक्षय तृतीया का महापर्व होता है — इस दिन किया गया दान, जप, हवन और निवेश 'अक्षय' अर्थात कभी क्षय न होने वाला फल देता है। सोना खरीदने, भूमि लेने और नए कार्य प्रारंभ करने के लिए यह अत्यंत शुभ दिन माना जाता है। भाद्रपद शुक्ल तृतीया को हरतालिका तीज और श्रावण शुक्ल तृतीया को हरियाली तीज का व्रत महिलाएँ रखती हैं। तृतीया तिथि की स्वामिनी माता गौरी (पार्वती) हैं, इसलिए सौभाग्य, वैवाहिक सुख और स्त्री-शक्ति से जुड़े व्रत इसी तिथि पर आते हैं। विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, भूमि पूजन के लिए उपयुक्त। यदि चंद्रमा और नक्षत्र अनुकूल हों तो किसी भी शुभ कार्य का शुभारंभ तृतीया पर निर्विघ्न संपन्न होता है।

स्वामी देवता

माता गौरी / पार्वती

तत्व

पृथ्वी / अग्नि

क्रमांक

3

पक्ष

शुक्ल व कृष्ण

शुभ कार्य (क्या करें)

  • अक्षय तृतीया पर सोना व निवेश
  • विवाह, मुंडन, उपनयन
  • गृह प्रवेश, भूमि पूजन
  • दान-पुण्य, अन्नदान
  • तीज व्रत — सौभाग्य प्राप्ति

अशुभ कार्य (क्या न करें)

  • विवाद, मुकदमा आरंभ
  • शल्य चिकित्सा (आवश्यक न हो)

उपाय व मंत्र

उपाय

  • माँ गौरी की पूजा, लाल वस्त्र व पुष्प अर्पण
  • सुहागन स्त्रियों को श्रृंगार सामग्री दान

मंत्र

ॐ गौर्यै नमः

ॐ पार्वत्यै नमः

आगामी तृतीया तिथियाँ (2026-2027)

सोमवार, 20 अप्रैल 2026शुक्ल पक्ष
मंगलवार, 19 मई 2026शुक्ल पक्ष
बुधवार, 17 जून 2026शुक्ल पक्ष
शुक्रवार, 17 जुलाई 2026शुक्ल पक्ष
शनिवार, 15 अगस्त 2026शुक्ल पक्ष
सोमवार, 14 सितंबर 2026शुक्ल पक्ष
मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026शुक्ल पक्ष

तृतीया तिथि — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (People also ask)

तृतीया तिथि क्या है?

तृतीया (Tritiya) हिंदू पंचांग की 3वीं तिथि है, जो माता गौरी / पार्वती को समर्पित है। यह पृथ्वी / अग्नि से जुड़ी है और चंद्र मास के दोनों पक्षों (शुक्ल व कृष्ण) में आती है।

तृतीया तिथि के दिन क्या करना चाहिए?

तृतीया तिथि पर अक्षय तृतीया पर सोना व निवेश, विवाह, मुंडन, उपनयन, गृह प्रवेश, भूमि पूजन जैसे कार्य विशेष शुभ माने गए हैं। माता गौरी / पार्वती का स्मरण व पूजन फलदायी होता है।

तृतीया तिथि पर कौन से कार्य नहीं करने चाहिए?

तृतीया तिथि पर विवाद, मुकदमा आरंभ, शल्य चिकित्सा (आवश्यक न हो) जैसे कार्यों से बचना चाहिए। अन्य पंचांग तत्वों (नक्षत्र, योग, वार) का विचार अवश्य करें।

तृतीया तिथि का स्वामी कौन है?

तृतीया तिथि के स्वामी माता गौरी / पार्वती हैं। इस दिन इनकी पूजा व मंत्र जप विशेष फलदायी माना गया है।

Tritiya tithi kab hai 2026?

Tritiya tithi har mahine aati hai — shukla aur krishna paksha mein. Upcoming Tritiya tithi dates is page par niche di gayi hain, including Hindu month aur paksha info.

तृतीया तिथि पर कौन से मंत्र का जाप करें?

तृतीया तिथि पर "ॐ गौर्यै नमः", "ॐ पार्वत्यै नमः" मंत्रों का जाप श्रेष्ठ है। इस दिन माता गौरी / पार्वती की पूजा करके मनोकामना सिद्ध की जा सकती है।

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