प्रतिपदा तिथि का महत्व
प्रतिपदा तिथि चंद्र मास की प्रथम तिथि है — यह किसी भी नए कार्य, नए विचार और नई यात्रा के आरंभ का प्रतीक है। शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को चंद्रमा की कला धीरे-धीरे बढ़ने लगती है, इसलिए इसे वृद्धि और शुभारंभ की तिथि माना जाता है। कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा संकल्प, साधना और आंतरिक चिंतन के लिए उपयुक्त है। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को हिंदू नववर्ष (गुड़ी पड़वा) और चैत्र नवरात्रि का आरंभ होता है। कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को गोवर्धन पूजा और बलिप्रतिपदा मनाई जाती है। यह तिथि ब्रह्मा जी को समर्पित मानी गई है। व्यवसाय प्रारंभ, गृह प्रवेश, अन्नप्राशन जैसे शुभ कार्यों के लिए यह तिथि अच्छी है, किंतु विवाह और यात्रा के लिए अन्य पंचांग तत्वों का विचार आवश्यक है। प्रतिपदा का शाब्दिक अर्थ है 'प्रथम पद' — अर्थात कोई भी पहला कदम जो पूरी यात्रा की दिशा तय करता है।
स्वामी देवता
ब्रह्मा जी (अग्नि भी कहे गए हैं)
तत्व
अग्नि तत्व
क्रमांक
1
पक्ष
शुक्ल व कृष्ण
शुभ कार्य (क्या करें)
- ✓नए व्यवसाय का शुभारंभ
- ✓गृह प्रवेश और भूमि पूजन
- ✓धार्मिक अनुष्ठान का संकल्प
- ✓नवरात्रि व्रत का आरंभ
- ✓पुस्तक लेखन, अध्ययन शुरू करना
अशुभ कार्य (क्या न करें)
- ✗विवाह निश्चय (अकेले प्रतिपदा के आधार पर)
- ✗लंबी यात्रा का पहला दिन
- ✗उधार देना या लेना
उपाय व मंत्र
उपाय
- •सूर्योदय से पूर्व स्नान कर सूर्य को अर्घ्य दें
- •गणेश जी का ध्यान कर कार्य आरंभ करें
- •गरीबों को अन्न दान करें
मंत्र
ॐ गं गणपतये नमः
ॐ ब्रह्मणे नमः
आगामी प्रतिपदा तिथियाँ (2026-2027)
प्रतिपदा तिथि — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (People also ask)
प्रतिपदा तिथि क्या है?
प्रतिपदा (Pratipada) हिंदू पंचांग की 1वीं तिथि है, जो ब्रह्मा जी (अग्नि भी कहे गए हैं) को समर्पित है। यह अग्नि तत्व से जुड़ी है और चंद्र मास के दोनों पक्षों (शुक्ल व कृष्ण) में आती है।
प्रतिपदा तिथि के दिन क्या करना चाहिए?
प्रतिपदा तिथि पर नए व्यवसाय का शुभारंभ, गृह प्रवेश और भूमि पूजन, धार्मिक अनुष्ठान का संकल्प जैसे कार्य विशेष शुभ माने गए हैं। ब्रह्मा जी (अग्नि भी कहे गए हैं) का स्मरण व पूजन फलदायी होता है।
प्रतिपदा तिथि पर कौन से कार्य नहीं करने चाहिए?
प्रतिपदा तिथि पर विवाह निश्चय (अकेले प्रतिपदा के आधार पर), लंबी यात्रा का पहला दिन, उधार देना या लेना जैसे कार्यों से बचना चाहिए। अन्य पंचांग तत्वों (नक्षत्र, योग, वार) का विचार अवश्य करें।
प्रतिपदा तिथि का स्वामी कौन है?
प्रतिपदा तिथि के स्वामी ब्रह्मा जी (अग्नि भी कहे गए हैं) हैं। इस दिन इनकी पूजा व मंत्र जप विशेष फलदायी माना गया है।
Pratipada tithi kab hai 2026?
Pratipada tithi har mahine aati hai — shukla aur krishna paksha mein. Upcoming Pratipada tithi dates is page par niche di gayi hain, including Hindu month aur paksha info.
प्रतिपदा तिथि पर कौन से मंत्र का जाप करें?
प्रतिपदा तिथि पर "ॐ गं गणपतये नमः", "ॐ ब्रह्मणे नमः" मंत्रों का जाप श्रेष्ठ है। इस दिन ब्रह्मा जी (अग्नि भी कहे गए हैं) की पूजा करके मनोकामना सिद्ध की जा सकती है।
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