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तिथि — Hindu Lunar Day

द्वितीया तिथि (Dvitiya)

विधाता / ब्रह्मा को समर्पित · पृथ्वी तत्व · तिथि क्रमांक 2

द्वितीया तिथि का महत्व

द्वितीया तिथि को विधाता और द्वंद्व से मुक्ति की तिथि माना गया है। यह तिथि चंद्र की दूसरी कला है और सामान्य रूप से सभी शुभ कार्यों के लिए उत्तम मानी जाती है — इसलिए इसे 'नंदा तिथि' भी कहते हैं। कार्तिक शुक्ल द्वितीया को भाई दूज का त्यौहार मनाया जाता है, जहाँ बहनें भाइयों की दीर्घायु के लिए तिलक करती हैं। चैत्र शुक्ल द्वितीया पर सिंधी समुदाय झूलेलाल जयंती मनाता है। द्वितीया यात्रा, व्यवसाय प्रारंभ, गृह निर्माण, और सीखने-सिखाने के कार्यों के लिए शुभ है। इस तिथि के स्वामी विधाता (या कुछ ग्रंथों के अनुसार ब्रह्मा) हैं, जो भाग्य की रेखा लिखते हैं — इसलिए संकल्प और योजना बनाने का यह उत्तम दिन है। कृष्ण पक्ष की द्वितीया पर भी सामान्य कार्य सहज संपन्न होते हैं। विवाह, मुंडन, उपनयन जैसे संस्कार इस तिथि पर किए जा सकते हैं यदि नक्षत्र और अन्य योग अनुकूल हों।

स्वामी देवता

विधाता / ब्रह्मा

तत्व

पृथ्वी तत्व

क्रमांक

2

पक्ष

शुक्ल व कृष्ण

शुभ कार्य (क्या करें)

  • यात्रा आरंभ
  • व्यवसाय और दुकान का उद्घाटन
  • विद्या आरंभ
  • भाई दूज, झूलेलाल जयंती
  • नए वस्त्र धारण

अशुभ कार्य (क्या न करें)

  • झगड़ा या विवाद का निपटारा
  • ऋण वसूली

उपाय व मंत्र

उपाय

  • चंद्रमा को दूध से अर्घ्य
  • विधाता का स्मरण कर नए संकल्प लें

मंत्र

ॐ सोम सोमाय नमः

ॐ चंद्रमसे नमः

आगामी द्वितीया तिथियाँ (2026-2027)

रविवार, 19 अप्रैल 2026शुक्ल पक्ष
सोमवार, 18 मई 2026शुक्ल पक्ष
मंगलवार, 16 जून 2026शुक्ल पक्ष
गुरुवार, 16 जुलाई 2026शुक्ल पक्ष
शुक्रवार, 14 अगस्त 2026शुक्ल पक्ष
रविवार, 13 सितंबर 2026शुक्ल पक्ष
सोमवार, 12 अक्टूबर 2026शुक्ल पक्ष

द्वितीया तिथि — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (People also ask)

द्वितीया तिथि क्या है?

द्वितीया (Dvitiya) हिंदू पंचांग की 2वीं तिथि है, जो विधाता / ब्रह्मा को समर्पित है। यह पृथ्वी तत्व से जुड़ी है और चंद्र मास के दोनों पक्षों (शुक्ल व कृष्ण) में आती है।

द्वितीया तिथि के दिन क्या करना चाहिए?

द्वितीया तिथि पर यात्रा आरंभ, व्यवसाय और दुकान का उद्घाटन, विद्या आरंभ जैसे कार्य विशेष शुभ माने गए हैं। विधाता / ब्रह्मा का स्मरण व पूजन फलदायी होता है।

द्वितीया तिथि पर कौन से कार्य नहीं करने चाहिए?

द्वितीया तिथि पर झगड़ा या विवाद का निपटारा, ऋण वसूली जैसे कार्यों से बचना चाहिए। अन्य पंचांग तत्वों (नक्षत्र, योग, वार) का विचार अवश्य करें।

द्वितीया तिथि का स्वामी कौन है?

द्वितीया तिथि के स्वामी विधाता / ब्रह्मा हैं। इस दिन इनकी पूजा व मंत्र जप विशेष फलदायी माना गया है।

Dvitiya tithi kab hai 2026?

Dvitiya tithi har mahine aati hai — shukla aur krishna paksha mein. Upcoming Dvitiya tithi dates is page par niche di gayi hain, including Hindu month aur paksha info.

द्वितीया तिथि पर कौन से मंत्र का जाप करें?

द्वितीया तिथि पर "ॐ सोम सोमाय नमः", "ॐ चंद्रमसे नमः" मंत्रों का जाप श्रेष्ठ है। इस दिन विधाता / ब्रह्मा की पूजा करके मनोकामना सिद्ध की जा सकती है।

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