सौभाग्य योग का परिचय
सौभाग्य योग 'सुख-समृद्धि' का योग है — यह पारिवारिक आनंद, विवाह, दंपति सुख व भौतिक ऐश्वर्य के लिए श्रेष्ठ है। इस योग में सौभाग्य बढ़ाने वाले कार्य — तीज, करवा चौथ, हरतालिका जैसे व्रत, सुहाग संबंधी वस्तुओं की खरीद, विवाह व सगाई — विशेष शुभ। नया गहना, वस्त्र धारण, गृह सज्जा का शुभारंभ भी उत्तम। ब्रह्मा देव का स्वामित्व होने से संकल्प व निर्माण कार्य भी अनुकूल।
प्रकृति
शुभ
स्वामी देवता
ब्रह्मा
योग क्रमांक
4 / 27
अंग्रेज़ी नाम
Saubhagya
शुभ कार्य
- ✓विवाह, सगाई
- ✓सुहाग सामग्री खरीद
- ✓गृह सज्जा
- ✓तीज-व्रत
- ✓नए गहने धारण
अशुभ / वर्जित कार्य
- ✗कोई विशेष वर्जना नहीं
मंत्र
ॐ ब्रह्मणे नमः
ॐ गौर्यै नमः
सौभाग्य योग में व्रत रखना शुभ
इस योग में एकादशी, प्रदोष या अन्य व्रत का संकल्प विशेष फलदायी है
सौभाग्य योग — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (People also ask)
सौभाग्य योग क्या है?
सौभाग्य (Saubhagya) पंचांग के 27 योगों में 4वाँ योग है। इसकी प्रकृति शुभ है और स्वामी ब्रह्मा हैं। सौभाग्य योग 'सुख-समृद्धि' का योग है — यह पारिवारिक आनंद, विवाह, दंपति सुख व भौतिक ऐश्वर्य के लिए श्रेष्ठ है। इस योग में सौभाग्य बढ़ाने वाले कार्य — ती
सौभाग्य योग में क्या करना चाहिए?
सौभाग्य योग में विवाह, सगाई, सुहाग सामग्री खरीद, गृह सज्जा जैसे कार्य विशेष फलदायी माने गए हैं।
सौभाग्य योग में क्या नहीं करना चाहिए?
सौभाग्य योग सामान्यतः शुभ है — विशेष वर्जना नहीं है। फिर भी अन्य पंचांग तत्वों का विचार अवश्य करें।
Saubhagya yoga shubh hai ya ashubh?
Saubhagya (सौभाग्य) yoga shubh mana gaya hai. शुभ yog hai — iski detail is page par upar di gayi hai.
सौभाग्य योग का मंत्र क्या है?
सौभाग्य योग में "ॐ ब्रह्मणे नमः", "ॐ गौर्यै नमः" मंत्रों का जाप श्रेष्ठ है। स्वामी ब्रह्मा की पूजा विशेष फलदायी होती है।
सौभाग्य योग में विवाह कर सकते हैं?
हाँ, सौभाग्य योग विवाह के लिए शुभ माना गया है। किंतु तिथि, नक्षत्र व वार का भी विचार अवश्य करें।