सिद्ध योग का परिचय
सिद्ध योग 'सिद्ध' अर्थात् पूर्णता व सिद्धि का योग है। इसमें किए गए कार्य स्वाभाविक रूप से सिद्ध होते हैं। कार्तिकेय देव का स्वामित्व होने से प्रतियोगिता, परीक्षा, सैन्य कार्य, खेल, साहसिक अभियान विशेष अनुकूल। नए व्यवसाय का शुभारंभ, तंत्र साधना, मंत्र सिद्धि — सब फलदायी। विवाह व गृह प्रवेश भी शुभ। दीर्घकालिक सफलता के लिए सिद्ध योग उत्तम।
प्रकृति
शुभ
स्वामी देवता
कार्तिकेय
योग क्रमांक
21 / 27
अंग्रेज़ी नाम
Siddha
शुभ कार्य
- ✓प्रतियोगिता, परीक्षा
- ✓सैन्य व साहसिक कार्य
- ✓मंत्र साधना
- ✓विवाह
- ✓नया व्यवसाय
अशुभ / वर्जित कार्य
- ✗कोई विशेष वर्जना नहीं
मंत्र
ॐ शरवणभवाय नमः
सिद्ध योग में व्रत रखना शुभ
इस योग में एकादशी, प्रदोष या अन्य व्रत का संकल्प विशेष फलदायी है
सिद्ध योग — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (People also ask)
सिद्ध योग क्या है?
सिद्ध (Siddha) पंचांग के 27 योगों में 21वाँ योग है। इसकी प्रकृति शुभ है और स्वामी कार्तिकेय हैं। सिद्ध योग 'सिद्ध' अर्थात् पूर्णता व सिद्धि का योग है। इसमें किए गए कार्य स्वाभाविक रूप से सिद्ध होते हैं। कार्तिकेय देव का स्वामित्व होने से प्रतियोगि
सिद्ध योग में क्या करना चाहिए?
सिद्ध योग में प्रतियोगिता, परीक्षा, सैन्य व साहसिक कार्य, मंत्र साधना जैसे कार्य विशेष फलदायी माने गए हैं।
सिद्ध योग में क्या नहीं करना चाहिए?
सिद्ध योग सामान्यतः शुभ है — विशेष वर्जना नहीं है। फिर भी अन्य पंचांग तत्वों का विचार अवश्य करें।
Siddha yoga shubh hai ya ashubh?
Siddha (सिद्ध) yoga shubh mana gaya hai. शुभ yog hai — iski detail is page par upar di gayi hai.
सिद्ध योग का मंत्र क्या है?
सिद्ध योग में "ॐ शरवणभवाय नमः" मंत्रों का जाप श्रेष्ठ है। स्वामी कार्तिकेय की पूजा विशेष फलदायी होती है।
सिद्ध योग में विवाह कर सकते हैं?
हाँ, सिद्ध योग विवाह के लिए शुभ माना गया है। किंतु तिथि, नक्षत्र व वार का भी विचार अवश्य करें।