वरीयान योग का परिचय
वरीयान योग 'श्रेष्ठ' व 'उत्तम' का योग है — इस योग में किए गए कार्य उच्च स्तर की सफलता देते हैं। कुबेर देव का स्वामित्व होने से धन-समृद्धि संबंधी कार्य विशेष अनुकूल — नया व्यवसाय, निवेश, सोना खरीद, वाहन खरीद। विवाह, गृह प्रवेश, यात्रा भी शुभ। कला, मनोरंजन व आनंद संबंधी कार्य — सब अनुकूल। कुबेर व लक्ष्मी पूजन से इस योग में विशेष फल।
प्रकृति
शुभ
स्वामी देवता
कुबेर
योग क्रमांक
18 / 27
अंग्रेज़ी नाम
Variyan
शुभ कार्य
- ✓धन संबंधी कार्य
- ✓निवेश, सोना खरीद
- ✓विवाह
- ✓गृह प्रवेश
- ✓कला व मनोरंजन
अशुभ / वर्जित कार्य
- ✗कोई विशेष वर्जना नहीं
मंत्र
ॐ कुबेराय नमः
ॐ महालक्ष्म्यै नमः
वरीयान योग में व्रत रखना शुभ
इस योग में एकादशी, प्रदोष या अन्य व्रत का संकल्प विशेष फलदायी है
वरीयान योग — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (People also ask)
वरीयान योग क्या है?
वरीयान (Variyan) पंचांग के 27 योगों में 18वाँ योग है। इसकी प्रकृति शुभ है और स्वामी कुबेर हैं। वरीयान योग 'श्रेष्ठ' व 'उत्तम' का योग है — इस योग में किए गए कार्य उच्च स्तर की सफलता देते हैं। कुबेर देव का स्वामित्व होने से धन-समृद्धि संबंधी कार्य
वरीयान योग में क्या करना चाहिए?
वरीयान योग में धन संबंधी कार्य, निवेश, सोना खरीद, विवाह जैसे कार्य विशेष फलदायी माने गए हैं।
वरीयान योग में क्या नहीं करना चाहिए?
वरीयान योग सामान्यतः शुभ है — विशेष वर्जना नहीं है। फिर भी अन्य पंचांग तत्वों का विचार अवश्य करें।
Variyan yoga shubh hai ya ashubh?
Variyan (वरीयान) yoga shubh mana gaya hai. शुभ yog hai — iski detail is page par upar di gayi hai.
वरीयान योग का मंत्र क्या है?
वरीयान योग में "ॐ कुबेराय नमः", "ॐ महालक्ष्म्यै नमः" मंत्रों का जाप श्रेष्ठ है। स्वामी कुबेर की पूजा विशेष फलदायी होती है।
वरीयान योग में विवाह कर सकते हैं?
हाँ, वरीयान योग विवाह के लिए शुभ माना गया है। किंतु तिथि, नक्षत्र व वार का भी विचार अवश्य करें।