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Panchang · 27 Yogas

परिघ योग (Parigha)

अशुभस्वामी: विष्णु (क्रोध रूप)योग क्रमांक 19

परिघ योग का परिचय

परिघ योग 'बाधा' व 'अवरोध' का योग है — इसमें कार्य में विघ्न आते हैं और समय अधिक लगता है। प्रथम आधा भाग (30 घटी तक) विशेष अशुभ माना जाता है — दूसरे भाग में कार्य किए जा सकते हैं। विवाह, गृह प्रवेश, यात्रा टालें। किंतु कोर्ट-कचहरी में विजय, शत्रु-मर्दन, कानूनी कार्यों में यह योग लाभदायक। विष्णु पूजा व सत्यनारायण कथा से योग का प्रभाव कम होता है।

प्रकृति

अशुभ

स्वामी देवता

विष्णु (क्रोध रूप)

योग क्रमांक

19 / 27

अंग्रेज़ी नाम

Parigha

शुभ कार्य

  • कानूनी कार्य में विजय
  • शत्रु-मर्दन
  • विष्णु पूजा

अशुभ / वर्जित कार्य

  • विवाह
  • गृह प्रवेश
  • यात्रा
  • नाजुक निर्णय

उपाय

  • सत्यनारायण कथा
  • विष्णु सहस्रनाम
  • प्रथम आधा भाग टालें

मंत्र

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय

सावधानी — इन तिथियों के साथ विशेष ध्यान रखें

परिघ योग — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (People also ask)

परिघ योग क्या है?

परिघ (Parigha) पंचांग के 27 योगों में 19वाँ योग है। इसकी प्रकृति अशुभ है और स्वामी विष्णु (क्रोध रूप) हैं। परिघ योग 'बाधा' व 'अवरोध' का योग है — इसमें कार्य में विघ्न आते हैं और समय अधिक लगता है। प्रथम आधा भाग (30 घटी तक) विशेष अशुभ माना जाता है — दूसरे भाग

परिघ योग में क्या करना चाहिए?

परिघ योग में कानूनी कार्य में विजय, शत्रु-मर्दन, विष्णु पूजा जैसे कार्य विशेष उपयोगी माने गए हैं।

परिघ योग में क्या नहीं करना चाहिए?

परिघ योग में विवाह, गृह प्रवेश, यात्रा, नाजुक निर्णय जैसे कार्यों से बचना चाहिए।

Parigha yoga shubh hai ya ashubh?

Parigha (परिघ) yoga ashubh mana gaya hai. अशुभ yog hai — iski detail is page par upar di gayi hai.

परिघ योग का मंत्र क्या है?

परिघ योग में "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्रों का जाप श्रेष्ठ है। स्वामी विष्णु (क्रोध रूप) की पूजा विशेष फलदायी होती है।

परिघ योग में विवाह कर सकते हैं?

परिघ योग में विवाह सामान्यतः टालना चाहिए। यदि आवश्यक हो तो गणेश पूजन व अन्य योगों के अनुकूल होने पर किया जा सकता है।

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