वज्र योग का परिचय
वज्र योग 'वज्र' — इंद्र का अस्त्र — जैसा कठोर योग है। इसमें कार्य में तीव्रता, दृढ़ता की आवश्यकता होती है किंतु सामान्य शुभ कार्यों के लिए यह सर्वोत्तम नहीं। प्रथम 9 घटी विशेष अशुभ। विवाह, गृह प्रवेश, लंबी यात्रा टालें। किंतु शत्रु पर विजय, कठोर निर्णय, सैन्य कार्य, न्यायिक फैसला — इन कार्यों में वज्र योग उपयोगी है। शिव व इंद्र पूजन से यह योग अनुकूल बनाया जा सकता है।
प्रकृति
अशुभ
स्वामी देवता
इंद्र (वज्र धारी)
योग क्रमांक
15 / 27
अंग्रेज़ी नाम
Vajra
शुभ कार्य
- ✓शत्रु पर विजय
- ✓सैन्य कार्य
- ✓न्यायिक निर्णय
- ✓कठोर संकल्प
अशुभ / वर्जित कार्य
- ✗विवाह
- ✗गृह प्रवेश
- ✗यात्रा
- ✗नाजुक कार्य
उपाय
- •इंद्र पूजन
- •शिव अभिषेक
- •प्रथम 9 घटी टालें
मंत्र
ॐ इंद्राय नमः
ॐ नमः शिवाय
सावधानी — इन तिथियों के साथ विशेष ध्यान रखें
वज्र योग — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (People also ask)
वज्र योग क्या है?
वज्र (Vajra) पंचांग के 27 योगों में 15वाँ योग है। इसकी प्रकृति अशुभ है और स्वामी इंद्र (वज्र धारी) हैं। वज्र योग 'वज्र' — इंद्र का अस्त्र — जैसा कठोर योग है। इसमें कार्य में तीव्रता, दृढ़ता की आवश्यकता होती है किंतु सामान्य शुभ कार्यों के लिए यह सर्वोत्त
वज्र योग में क्या करना चाहिए?
वज्र योग में शत्रु पर विजय, सैन्य कार्य, न्यायिक निर्णय जैसे कार्य विशेष उपयोगी माने गए हैं।
वज्र योग में क्या नहीं करना चाहिए?
वज्र योग में विवाह, गृह प्रवेश, यात्रा, नाजुक कार्य जैसे कार्यों से बचना चाहिए।
Vajra yoga shubh hai ya ashubh?
Vajra (वज्र) yoga ashubh mana gaya hai. अशुभ yog hai — iski detail is page par upar di gayi hai.
वज्र योग का मंत्र क्या है?
वज्र योग में "ॐ इंद्राय नमः", "ॐ नमः शिवाय" मंत्रों का जाप श्रेष्ठ है। स्वामी इंद्र (वज्र धारी) की पूजा विशेष फलदायी होती है।
वज्र योग में विवाह कर सकते हैं?
वज्र योग में विवाह सामान्यतः टालना चाहिए। यदि आवश्यक हो तो गणेश पूजन व अन्य योगों के अनुकूल होने पर किया जा सकता है।