देवता
वसु
स्वामी ग्रह
मंगल / Mars
तत्व
पृथ्वी
गुण
तमस
नाड़ी
मध्य
शरीर का अंग
पीठ
प्रतीक
मृदंग / बाँसुरी
तारा संख्या
4
धनिष्ठा नक्षत्र — स्वभाव व व्यक्तित्व
धनिष्ठा का अर्थ है 'सर्वाधिक धनी' — भौतिक व आध्यात्मिक समृद्धि दोनों। आठ वसुओं का स्वामित्व व मंगल का प्रभाव इन जातकों को ऊर्जावान, महत्वाकांक्षी व संगीतप्रिय बनाता है। ये लय, संगीत, नृत्य व कला में विशेष रुचि रखते हैं। साहस, उद्यमशीलता व धन कमाने की क्षमता प्रबल है। कभी-कभी अहंकार व विवाद में पड़ने की प्रवृत्ति दिखती है। समाज में नाम व सम्मान प्राप्त करते हैं।
करियर व उपयुक्त क्षेत्र
संगीत, नृत्य, खेल, रियल एस्टेट, व्यापार, वित्त, फिल्म, ताल-वाद्य, समूह कला।
4 पद (चरण)
अनुकूल नक्षत्र
चुनौतीपूर्ण नक्षत्र
मंत्र
ॐ वसुभ्यो नमः
ॐ अं अंगारकाय नमः
अनुकूल राशि — मकर
धनिष्ठा नक्षत्र मुख्यतः मकर राशि में पड़ता है
धनिष्ठा नक्षत्र — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (People also ask)
धनिष्ठा नक्षत्र क्या है?
धनिष्ठा (Dhanishtha) 27 नक्षत्रों में 23वाँ नक्षत्र है। इसके देवता वसु और स्वामी ग्रह मंगल (Mars) हैं। यह पृथ्वी तत्व व तमस गुण से जुड़ा है।
धनिष्ठा नक्षत्र वाले लोग कैसे होते हैं?
धनिष्ठा नक्षत्र में जन्मे जातक धनिष्ठा का अर्थ है 'सर्वाधिक धनी' — भौतिक व आध्यात्मिक समृद्धि दोनों। आठ वसुओं का स्वामित्व व मंगल का प्रभाव इन जातकों को ऊर्जावान, महत्वाकांक्षी व संगीतप्रिय बनाता है। ये लय, संगी...
Dhanishtha nakshatra के लिए कौन सा करियर सही है?
धनिष्ठा नक्षत्र के जातकों के लिए उपयुक्त करियर: संगीत, नृत्य, खेल, रियल एस्टेट, व्यापार, वित्त, फिल्म, ताल-वाद्य, समूह कला।
धनिष्ठा नक्षत्र किस राशि में आता है?
धनिष्ठा नक्षत्र मुख्य रूप से मकर राशि में आता है। प्रत्येक नक्षत्र 4 पदों (चरण) में बँटा होता है — विस्तृत पद जानकारी ऊपर दी गई है।
धनिष्ठा नक्षत्र का मंत्र क्या है?
धनिष्ठा नक्षत्र के जातक "ॐ वसुभ्यो नमः", "ॐ अं अंगारकाय नमः" मंत्रों का जाप करें। अपने नक्षत्र के देवता (वसु) व स्वामी ग्रह (मंगल) की पूजा जीवन में शुभ परिणाम लाती है।
धनिष्ठा नक्षत्र के अनुकूल व प्रतिकूल नक्षत्र कौन से हैं?
धनिष्ठा नक्षत्र के अनुकूल: शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, मृगशिरा, आर्द्रा। चुनौतीपूर्ण: मघा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी।
प्रेरणादायक विचार
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आज का पंचांग
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