देवता
वरुण
स्वामी ग्रह
राहु / Rahu
तत्व
आकाश
गुण
तमस
नाड़ी
आदि
शरीर का अंग
ठोड़ी व जबड़ा
प्रतीक
गोलाकार ज्योतिर्मंडल / 100 चिकित्सक
तारा संख्या
100
शतभिषा नक्षत्र — स्वभाव व व्यक्तित्व
शतभिषा का अर्थ है 'सौ चिकित्सक' — उपचार, रहस्य व गूढ़ ज्ञान का नक्षत्र। वरुण देव व राहु के प्रभाव से इन जातकों में अद्वितीय अंतर्दृष्टि, खोजी प्रवृत्ति व गोपनीयता होती है। ये मौलिक सोच, प्रौद्योगिकी व चिकित्सा में उत्कृष्टता पाते हैं। एकांत में रहकर गहन कार्य करना पसंद है। कभी-कभी भावनात्मक रूप से दूर व रहस्यमय लगते हैं। विज्ञान, अनुसंधान व अध्यात्म का असाधारण मिश्रण मिलता है।
करियर व उपयुक्त क्षेत्र
चिकित्सा, अनुसंधान, ज्योतिष, तांत्रिक विज्ञान, प्रौद्योगिकी, खगोल, जल संबंधी कार्य।
4 पद (चरण)
अनुकूल नक्षत्र
चुनौतीपूर्ण नक्षत्र
मंत्र
ॐ वरुणाय नमः
ॐ रां राहवे नमः
अनुकूल राशि — कुंभ
शतभिषा नक्षत्र मुख्यतः कुंभ राशि में पड़ता है
शतभिषा नक्षत्र — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (People also ask)
शतभिषा नक्षत्र क्या है?
शतभिषा (Shatabhisha) 27 नक्षत्रों में 24वाँ नक्षत्र है। इसके देवता वरुण और स्वामी ग्रह राहु (Rahu) हैं। यह आकाश तत्व व तमस गुण से जुड़ा है।
शतभिषा नक्षत्र वाले लोग कैसे होते हैं?
शतभिषा नक्षत्र में जन्मे जातक शतभिषा का अर्थ है 'सौ चिकित्सक' — उपचार, रहस्य व गूढ़ ज्ञान का नक्षत्र। वरुण देव व राहु के प्रभाव से इन जातकों में अद्वितीय अंतर्दृष्टि, खोजी प्रवृत्ति व गोपनीयता होती है। ये मौलिक...
Shatabhisha nakshatra के लिए कौन सा करियर सही है?
शतभिषा नक्षत्र के जातकों के लिए उपयुक्त करियर: चिकित्सा, अनुसंधान, ज्योतिष, तांत्रिक विज्ञान, प्रौद्योगिकी, खगोल, जल संबंधी कार्य।
शतभिषा नक्षत्र किस राशि में आता है?
शतभिषा नक्षत्र मुख्य रूप से कुंभ राशि में आता है। प्रत्येक नक्षत्र 4 पदों (चरण) में बँटा होता है — विस्तृत पद जानकारी ऊपर दी गई है।
शतभिषा नक्षत्र का मंत्र क्या है?
शतभिषा नक्षत्र के जातक "ॐ वरुणाय नमः", "ॐ रां राहवे नमः" मंत्रों का जाप करें। अपने नक्षत्र के देवता (वरुण) व स्वामी ग्रह (राहु) की पूजा जीवन में शुभ परिणाम लाती है।
शतभिषा नक्षत्र के अनुकूल व प्रतिकूल नक्षत्र कौन से हैं?
शतभिषा नक्षत्र के अनुकूल: पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद, आर्द्रा, स्वाती। चुनौतीपूर्ण: पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त।
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