देवता
सवितृ (सूर्य)
स्वामी ग्रह
चंद्र / Moon
तत्व
अग्नि
गुण
रजस
नाड़ी
अंत्य
शरीर का अंग
हाथ की अंगुलियाँ
प्रतीक
हाथ / मुट्ठी
तारा संख्या
5
हस्त नक्षत्र — स्वभाव व व्यक्तित्व
हस्त नक्षत्र 'हाथ' का प्रतीक है — कुशलता, कारीगरी और निपुणता। सवितृ (सूर्य) देव व चंद्र ग्रह का प्रभाव इन जातकों को अत्यंत कुशल कारीगर बनाता है। ये अपने हाथों से कुछ भी बना सकते हैं — शिल्प, चित्र, लेखन, यंत्र। व्यवहार कुशल, मिलनसार व आशावादी होते हैं। चंद्र के प्रभाव से संवेदनशीलता व रचनात्मकता प्रबल है। कभी-कभी अत्यधिक चिंतन व व्यर्थ का तनाव मन को विचलित करता है। दूसरों की मदद में तत्पर, सेवाभावी।
करियर व उपयुक्त क्षेत्र
शिल्प, कला, चिकित्सा, हस्तरेखा विज्ञान, ज्योतिष, लेखन, मनोविज्ञान, व्यापार, हस्तशिल्प।
4 पद (चरण)
मंत्र
ॐ सवित्रे नमः
ॐ चंद्रमसे नमः
अनुकूल राशि — कन्या
हस्त नक्षत्र मुख्यतः कन्या राशि में पड़ता है
हस्त नक्षत्र — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (People also ask)
हस्त नक्षत्र क्या है?
हस्त (Hasta) 27 नक्षत्रों में 13वाँ नक्षत्र है। इसके देवता सवितृ (सूर्य) और स्वामी ग्रह चंद्र (Moon) हैं। यह अग्नि तत्व व रजस गुण से जुड़ा है।
हस्त नक्षत्र वाले लोग कैसे होते हैं?
हस्त नक्षत्र में जन्मे जातक हस्त नक्षत्र 'हाथ' का प्रतीक है — कुशलता, कारीगरी और निपुणता। सवितृ (सूर्य) देव व चंद्र ग्रह का प्रभाव इन जातकों को अत्यंत कुशल कारीगर बनाता है। ये अपने हाथों से कुछ भी बना सकते है...
Hasta nakshatra के लिए कौन सा करियर सही है?
हस्त नक्षत्र के जातकों के लिए उपयुक्त करियर: शिल्प, कला, चिकित्सा, हस्तरेखा विज्ञान, ज्योतिष, लेखन, मनोविज्ञान, व्यापार, हस्तशिल्प।
हस्त नक्षत्र किस राशि में आता है?
हस्त नक्षत्र मुख्य रूप से कन्या राशि में आता है। प्रत्येक नक्षत्र 4 पदों (चरण) में बँटा होता है — विस्तृत पद जानकारी ऊपर दी गई है।
हस्त नक्षत्र का मंत्र क्या है?
हस्त नक्षत्र के जातक "ॐ सवित्रे नमः", "ॐ चंद्रमसे नमः" मंत्रों का जाप करें। अपने नक्षत्र के देवता (सवितृ (सूर्य)) व स्वामी ग्रह (चंद्र) की पूजा जीवन में शुभ परिणाम लाती है।
हस्त नक्षत्र के अनुकूल व प्रतिकूल नक्षत्र कौन से हैं?
हस्त नक्षत्र के अनुकूल: चित्रा, स्वाती, श्रवण, धनिष्ठा। चुनौतीपूर्ण: रेवती, अश्विनी, भरणी।
प्रेरणादायक विचार
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