देवता
रुद्र
स्वामी ग्रह
राहु / Rahu
तत्व
जल
गुण
तमस
नाड़ी
मध्य
शरीर का अंग
बाल व नेत्र
प्रतीक
अश्रुबिंदु / हीरा
तारा संख्या
1
आर्द्रा नक्षत्र — स्वभाव व व्यक्तित्व
आर्द्रा नक्षत्र परिवर्तन, तीव्रता और गहनता का प्रतीक है। रुद्र (शिव का उग्र रूप) इसके स्वामी हैं, इसलिए इन जातकों में विद्रोही स्वभाव व शक्तिशाली मानसिक बल होता है। राहु का प्रभाव इन्हें असामान्य व मौलिक सोच देता है। कठिन परिस्थितियों को चीर कर नए समाधान निकालना इनकी विशेषता है। भावनाओं में गहराई होती है — या तो अत्यंत प्रेमपूर्ण, या अत्यंत रूखे। अनुसंधान, तकनीक व विज्ञान में स्वाभाविक रुचि। कभी-कभी असंतोष व अस्थिरता परेशान कर सकती है।
करियर व उपयुक्त क्षेत्र
अनुसंधान, विज्ञान, तकनीक, चिकित्सा, मनोविज्ञान, सुरक्षा सेवाएँ, डेटा विश्लेषण।
4 पद (चरण)
चुनौतीपूर्ण नक्षत्र
मंत्र
ॐ नमः शिवाय
ॐ रां राहवे नमः
अनुकूल राशि — मिथुन
आर्द्रा नक्षत्र मुख्यतः मिथुन राशि में पड़ता है
आर्द्रा नक्षत्र — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (People also ask)
आर्द्रा नक्षत्र क्या है?
आर्द्रा (Ardra) 27 नक्षत्रों में 6वाँ नक्षत्र है। इसके देवता रुद्र और स्वामी ग्रह राहु (Rahu) हैं। यह जल तत्व व तमस गुण से जुड़ा है।
आर्द्रा नक्षत्र वाले लोग कैसे होते हैं?
आर्द्रा नक्षत्र में जन्मे जातक आर्द्रा नक्षत्र परिवर्तन, तीव्रता और गहनता का प्रतीक है। रुद्र (शिव का उग्र रूप) इसके स्वामी हैं, इसलिए इन जातकों में विद्रोही स्वभाव व शक्तिशाली मानसिक बल होता है। राहु का प्रभाव ...
Ardra nakshatra के लिए कौन सा करियर सही है?
आर्द्रा नक्षत्र के जातकों के लिए उपयुक्त करियर: अनुसंधान, विज्ञान, तकनीक, चिकित्सा, मनोविज्ञान, सुरक्षा सेवाएँ, डेटा विश्लेषण।
आर्द्रा नक्षत्र किस राशि में आता है?
आर्द्रा नक्षत्र मुख्य रूप से मिथुन राशि में आता है। प्रत्येक नक्षत्र 4 पदों (चरण) में बँटा होता है — विस्तृत पद जानकारी ऊपर दी गई है।
आर्द्रा नक्षत्र का मंत्र क्या है?
आर्द्रा नक्षत्र के जातक "ॐ नमः शिवाय", "ॐ रां राहवे नमः" मंत्रों का जाप करें। अपने नक्षत्र के देवता (रुद्र) व स्वामी ग्रह (राहु) की पूजा जीवन में शुभ परिणाम लाती है।
आर्द्रा नक्षत्र के अनुकूल व प्रतिकूल नक्षत्र कौन से हैं?
आर्द्रा नक्षत्र के अनुकूल: पुनर्वसु, पुष्य, स्वाती, विशाखा। चुनौतीपूर्ण: मूल, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण।
प्रेरणादायक विचार
हिंदी में पढ़ें →
आज का पंचांग
तिथि, नक्षत्र, योग, करण →