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Nakshatra · 27 Lunar Mansions

मृगशिरा नक्षत्र (Mrigashira)

देवता सोम (चंद्र) · स्वामी ग्रह मंगल · नक्षत्र क्रमांक 5

देवता

सोम (चंद्र)

स्वामी ग्रह

मंगल / Mars

तत्व

पृथ्वी

गुण

तमस

नाड़ी

मध्य

शरीर का अंग

नेत्र व भौंहें

प्रतीक

मृग का सिर (हिरण का मस्तक)

तारा संख्या

3

मृगशिरा नक्षत्र — स्वभाव व व्यक्तित्व

मृगशिरा नक्षत्र खोज व जिज्ञासा का प्रतीक है। हिरण जैसे चंचल व सजग इस नक्षत्र के जातक ज्ञान, यात्रा और नए अनुभवों की खोज में रहते हैं। वाणी में मधुरता और व्यवहार में कोमलता होती है। मंगल का प्रभाव इन्हें पराक्रमी बनाता है, जबकि सोम (चंद्र) इन्हें संवेदनशील व रचनात्मक। कभी-कभी अस्थिर मन और एकाग्रता में कमी दिखती है। शोध कार्य, लेखन व यात्रा से जुड़ी गतिविधियों में उत्कृष्टता पाते हैं। परिवर्तन इनकी आत्मा का स्वभाव है।

करियर व उपयुक्त क्षेत्र

लेखन, पत्रकारिता, शोध, यात्रा, भूगोल, कृषि विज्ञान, परफ्यूम उद्योग, वस्त्र उद्योग।

4 पद (चरण)

पद 1
वृष 23°20'-26°40'
पद 2
वृष 26°40'-30°
पद 3
मिथुन 0°-3°20'
पद 4
मिथुन 3°20'-6°40'

चुनौतीपूर्ण नक्षत्र

मंत्र

ॐ सोमाय नमः

ॐ अं अंगारकाय नमः

अनुकूल राशि — वृषभ

मृगशिरा नक्षत्र मुख्यतः वृषभ राशि में पड़ता है

वृषभ राशिफल →

मृगशिरा नक्षत्र — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (People also ask)

मृगशिरा नक्षत्र क्या है?

मृगशिरा (Mrigashira) 27 नक्षत्रों में 5वाँ नक्षत्र है। इसके देवता सोम (चंद्र) और स्वामी ग्रह मंगल (Mars) हैं। यह पृथ्वी तत्व व तमस गुण से जुड़ा है।

मृगशिरा नक्षत्र वाले लोग कैसे होते हैं?

मृगशिरा नक्षत्र में जन्मे जातक मृगशिरा नक्षत्र खोज व जिज्ञासा का प्रतीक है। हिरण जैसे चंचल व सजग इस नक्षत्र के जातक ज्ञान, यात्रा और नए अनुभवों की खोज में रहते हैं। वाणी में मधुरता और व्यवहार में कोमलता होती है।...

Mrigashira nakshatra के लिए कौन सा करियर सही है?

मृगशिरा नक्षत्र के जातकों के लिए उपयुक्त करियर: लेखन, पत्रकारिता, शोध, यात्रा, भूगोल, कृषि विज्ञान, परफ्यूम उद्योग, वस्त्र उद्योग।

मृगशिरा नक्षत्र किस राशि में आता है?

मृगशिरा नक्षत्र मुख्य रूप से वृषभ राशि में आता है। प्रत्येक नक्षत्र 4 पदों (चरण) में बँटा होता है — विस्तृत पद जानकारी ऊपर दी गई है।

मृगशिरा नक्षत्र का मंत्र क्या है?

मृगशिरा नक्षत्र के जातक "ॐ सोमाय नमः", "ॐ अं अंगारकाय नमः" मंत्रों का जाप करें। अपने नक्षत्र के देवता (सोम (चंद्र)) व स्वामी ग्रह (मंगल) की पूजा जीवन में शुभ परिणाम लाती है।

मृगशिरा नक्षत्र के अनुकूल व प्रतिकूल नक्षत्र कौन से हैं?

मृगशिरा नक्षत्र के अनुकूल: आर्द्रा, पुनर्वसु, चित्रा, स्वाती। चुनौतीपूर्ण: ज्येष्ठा, मूल, उत्तराषाढ़ा।

प्रेरणादायक विचार

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