Skip to main content

Free Shipping on all Prepaid Orders! Abhi Order Karo 🚚

Nakshatra · 27 Lunar Mansions

भरणी नक्षत्र (Bharani)

देवता यम · स्वामी ग्रह शुक्र · नक्षत्र क्रमांक 2

देवता

यम

स्वामी ग्रह

शुक्र / Venus

तत्व

पृथ्वी

गुण

रजस

नाड़ी

मध्य

शरीर का अंग

सिर व पैर

प्रतीक

योनि (सृजन का प्रतीक)

तारा संख्या

3

भरणी नक्षत्र — स्वभाव व व्यक्तित्व

भरणी नक्षत्र 'धारण करने' की शक्ति का प्रतीक है। यम देवता इसके स्वामी हैं, इसलिए इन जातकों में संयम, अनुशासन और सही-गलत का स्पष्ट बोध होता है। ये दृढ़ निश्चयी, जिम्मेदार और कर्तव्यनिष्ठ होते हैं। शुक्र का प्रभाव होने से कला, सौंदर्य और भौतिक सुख के प्रति आकर्षण रहता है। कभी-कभी ये अत्यधिक स्पष्टवादी हो जाते हैं, जिससे दूसरों के साथ तनाव आ सकता है। नैतिकता के प्रति प्रतिबद्धता प्रबल है। रचनात्मकता और व्यवहारिकता का मिश्रण इनकी विशेषता है। परिवार व बच्चों से गहरा लगाव रहता है।

करियर व उपयुक्त क्षेत्र

कला, फैशन, फिल्म, न्यायिक सेवाएँ, प्रशासन, पालन-पोषण संबंधी कार्य, होटल, मनोरंजन।

4 पद (चरण)

पद 1
मेष 13°20'-16°40'
पद 2
मेष 16°40'-20°
पद 3
मेष 20°-23°20'
पद 4
मेष 23°20'-26°40'

चुनौतीपूर्ण नक्षत्र

मंत्र

ॐ यमाय नमः

ॐ शुक्राय नमः

अनुकूल राशि — मेष

भरणी नक्षत्र मुख्यतः मेष राशि में पड़ता है

मेष राशिफल →

भरणी नक्षत्र — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (People also ask)

भरणी नक्षत्र क्या है?

भरणी (Bharani) 27 नक्षत्रों में 2वाँ नक्षत्र है। इसके देवता यम और स्वामी ग्रह शुक्र (Venus) हैं। यह पृथ्वी तत्व व रजस गुण से जुड़ा है।

भरणी नक्षत्र वाले लोग कैसे होते हैं?

भरणी नक्षत्र में जन्मे जातक भरणी नक्षत्र 'धारण करने' की शक्ति का प्रतीक है। यम देवता इसके स्वामी हैं, इसलिए इन जातकों में संयम, अनुशासन और सही-गलत का स्पष्ट बोध होता है। ये दृढ़ निश्चयी, जिम्मेदार और कर्तव्यन...

Bharani nakshatra के लिए कौन सा करियर सही है?

भरणी नक्षत्र के जातकों के लिए उपयुक्त करियर: कला, फैशन, फिल्म, न्यायिक सेवाएँ, प्रशासन, पालन-पोषण संबंधी कार्य, होटल, मनोरंजन।

भरणी नक्षत्र किस राशि में आता है?

भरणी नक्षत्र मुख्य रूप से मेष राशि में आता है। प्रत्येक नक्षत्र 4 पदों (चरण) में बँटा होता है — विस्तृत पद जानकारी ऊपर दी गई है।

भरणी नक्षत्र का मंत्र क्या है?

भरणी नक्षत्र के जातक "ॐ यमाय नमः", "ॐ शुक्राय नमः" मंत्रों का जाप करें। अपने नक्षत्र के देवता (यम) व स्वामी ग्रह (शुक्र) की पूजा जीवन में शुभ परिणाम लाती है।

भरणी नक्षत्र के अनुकूल व प्रतिकूल नक्षत्र कौन से हैं?

भरणी नक्षत्र के अनुकूल: कृत्तिका, रोहिणी, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी। चुनौतीपूर्ण: शतभिषा, चित्रा, धनिष्ठा।

प्रेरणादायक विचार

हिंदी में पढ़ें →

आज का पंचांग

तिथि, नक्षत्र, योग, करण →

अन्य नक्षत्र