देवता
पितर
स्वामी ग्रह
केतु / Ketu
तत्व
जल
गुण
तमस
नाड़ी
आदि
शरीर का अंग
होंठ व ठुड्डी
प्रतीक
राजसिंहासन
तारा संख्या
5
मघा नक्षत्र — स्वभाव व व्यक्तित्व
मघा नक्षत्र 'महानता' और 'पितरों की विरासत' का प्रतीक है। पितर देवता व केतु के प्रभाव से इस नक्षत्र के जातक पारंपरिक मूल्यों व पुरखों से गहराई से जुड़े होते हैं। इनमें नेतृत्व की जन्मजात क्षमता, गर्व और आत्मसम्मान प्रबल होता है। ये मेहनती, महत्वाकांक्षी व सम्मान प्रिय होते हैं। कभी-कभी अहंकार और घमंड कमजोर पक्ष बन सकता है। परिवार की परंपरा, इतिहास व संस्कार के प्रति समर्पित। सिंह राशि का प्रथम भाग होने से राजसी गुण प्रकट होते हैं।
करियर व उपयुक्त क्षेत्र
प्रशासन, राजनीति, सरकारी सेवा, इतिहास, पुरातत्व, शोध, कानून, वंशानुगत व्यवसाय।
4 पद (चरण)
अनुकूल नक्षत्र
चुनौतीपूर्ण नक्षत्र
मंत्र
ॐ पितृभ्यो नमः
ॐ केतवे नमः
अनुकूल राशि — सिंह
मघा नक्षत्र मुख्यतः सिंह राशि में पड़ता है
मघा नक्षत्र — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (People also ask)
मघा नक्षत्र क्या है?
मघा (Magha) 27 नक्षत्रों में 10वाँ नक्षत्र है। इसके देवता पितर और स्वामी ग्रह केतु (Ketu) हैं। यह जल तत्व व तमस गुण से जुड़ा है।
मघा नक्षत्र वाले लोग कैसे होते हैं?
मघा नक्षत्र में जन्मे जातक मघा नक्षत्र 'महानता' और 'पितरों की विरासत' का प्रतीक है। पितर देवता व केतु के प्रभाव से इस नक्षत्र के जातक पारंपरिक मूल्यों व पुरखों से गहराई से जुड़े होते हैं। इनमें नेतृत्व की जन...
Magha nakshatra के लिए कौन सा करियर सही है?
मघा नक्षत्र के जातकों के लिए उपयुक्त करियर: प्रशासन, राजनीति, सरकारी सेवा, इतिहास, पुरातत्व, शोध, कानून, वंशानुगत व्यवसाय।
मघा नक्षत्र किस राशि में आता है?
मघा नक्षत्र मुख्य रूप से सिंह राशि में आता है। प्रत्येक नक्षत्र 4 पदों (चरण) में बँटा होता है — विस्तृत पद जानकारी ऊपर दी गई है।
मघा नक्षत्र का मंत्र क्या है?
मघा नक्षत्र के जातक "ॐ पितृभ्यो नमः", "ॐ केतवे नमः" मंत्रों का जाप करें। अपने नक्षत्र के देवता (पितर) व स्वामी ग्रह (केतु) की पूजा जीवन में शुभ परिणाम लाती है।
मघा नक्षत्र के अनुकूल व प्रतिकूल नक्षत्र कौन से हैं?
मघा नक्षत्र के अनुकूल: पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, मूल, पूर्वाषाढ़ा। चुनौतीपूर्ण: शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद।
प्रेरणादायक विचार
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