देवता
नाग
स्वामी ग्रह
बुध / Mercury
तत्व
जल
गुण
सत्व
नाड़ी
अंत्य
शरीर का अंग
कान व जोड़
प्रतीक
कुंडली मारे हुए सर्प
तारा संख्या
5
आश्लेषा नक्षत्र — स्वभाव व व्यक्तित्व
आश्लेषा नक्षत्र 'आलिंगन' या 'लिपटने' का भाव रखता है। नाग देवता के स्वामित्व से इन जातकों में गहरी अंतर्दृष्टि, रहस्य समझने की शक्ति और बौद्धिक तीक्ष्णता होती है। बुध का प्रभाव इन्हें चतुर, वाणी में कुशल और त्वरित निर्णय लेने वाला बनाता है। कूटनीति व रणनीति में माहिर होते हैं। स्वतंत्र सोच और मौलिकता इनकी विशेषता है। कभी-कभी गुप्त स्वभाव व अविश्वास अन्यों को दूर कर सकता है। गहराई में जाकर किसी विषय को समझना इनका स्वभाव है।
करियर व उपयुक्त क्षेत्र
कूटनीति, विधि, अनुसंधान, मनोविज्ञान, तांत्रिक विज्ञान, पत्रकारिता, रसायन विज्ञान, सर्पविज्ञान।
4 पद (चरण)
अनुकूल नक्षत्र
चुनौतीपूर्ण नक्षत्र
मंत्र
ॐ नागेन्द्रहाराय नमः
ॐ बुं बुधाय नमः
अनुकूल राशि — कर्क
आश्लेषा नक्षत्र मुख्यतः कर्क राशि में पड़ता है
आश्लेषा नक्षत्र — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (People also ask)
आश्लेषा नक्षत्र क्या है?
आश्लेषा (Ashlesha) 27 नक्षत्रों में 9वाँ नक्षत्र है। इसके देवता नाग और स्वामी ग्रह बुध (Mercury) हैं। यह जल तत्व व सत्व गुण से जुड़ा है।
आश्लेषा नक्षत्र वाले लोग कैसे होते हैं?
आश्लेषा नक्षत्र में जन्मे जातक आश्लेषा नक्षत्र 'आलिंगन' या 'लिपटने' का भाव रखता है। नाग देवता के स्वामित्व से इन जातकों में गहरी अंतर्दृष्टि, रहस्य समझने की शक्ति और बौद्धिक तीक्ष्णता होती है। बुध का प्रभाव इन्ह...
Ashlesha nakshatra के लिए कौन सा करियर सही है?
आश्लेषा नक्षत्र के जातकों के लिए उपयुक्त करियर: कूटनीति, विधि, अनुसंधान, मनोविज्ञान, तांत्रिक विज्ञान, पत्रकारिता, रसायन विज्ञान, सर्पविज्ञान।
आश्लेषा नक्षत्र किस राशि में आता है?
आश्लेषा नक्षत्र मुख्य रूप से कर्क राशि में आता है। प्रत्येक नक्षत्र 4 पदों (चरण) में बँटा होता है — विस्तृत पद जानकारी ऊपर दी गई है।
आश्लेषा नक्षत्र का मंत्र क्या है?
आश्लेषा नक्षत्र के जातक "ॐ नागेन्द्रहाराय नमः", "ॐ बुं बुधाय नमः" मंत्रों का जाप करें। अपने नक्षत्र के देवता (नाग) व स्वामी ग्रह (बुध) की पूजा जीवन में शुभ परिणाम लाती है।
आश्लेषा नक्षत्र के अनुकूल व प्रतिकूल नक्षत्र कौन से हैं?
आश्लेषा नक्षत्र के अनुकूल: मघा, पूर्वा फाल्गुनी, ज्येष्ठा, मूल। चुनौतीपूर्ण: धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद।
प्रेरणादायक विचार
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