देवता
ब्रह्मा
स्वामी ग्रह
चंद्र / Moon
तत्व
पृथ्वी
गुण
रजस
नाड़ी
अंत्य
शरीर का अंग
माथा व पैर
प्रतीक
बैलगाड़ी / वट वृक्ष
तारा संख्या
5
रोहिणी नक्षत्र — स्वभाव व व्यक्तित्व
रोहिणी नक्षत्र सौंदर्य, कला व समृद्धि का प्रतीक है। चंद्रमा की सबसे प्रिय पत्नी के रूप में रोहिणी का उल्लेख मिलता है। इस नक्षत्र के जातक आकर्षक व्यक्तित्व, मधुर वाणी और कलात्मक रुचियों वाले होते हैं। ये भौतिक सुख की ओर स्वाभाविक झुकाव रखते हैं — अच्छा भोजन, सुंदर वस्त्र, संगीत व कला इन्हें आकर्षित करते हैं। कृषि, पशुपालन और भूमि से जुड़े कार्यों में सफलता मिलती है। दृढ़ता व स्थिरता इनका बड़ा गुण है, किंतु कभी-कभी अधिकार-प्रियता व ईर्ष्या भी देखी जाती है। परिवार के प्रति समर्पित।
करियर व उपयुक्त क्षेत्र
कृषि, पशुपालन, फैशन, संगीत, अभिनय, रियल एस्टेट, बैंकिंग, रेस्तराँ, सौंदर्य प्रसाधन।
4 पद (चरण)
चुनौतीपूर्ण नक्षत्र
मंत्र
ॐ ब्रह्मणे नमः
ॐ चंद्रमसे नमः
अनुकूल राशि — वृषभ
रोहिणी नक्षत्र मुख्यतः वृषभ राशि में पड़ता है
रोहिणी नक्षत्र — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (People also ask)
रोहिणी नक्षत्र क्या है?
रोहिणी (Rohini) 27 नक्षत्रों में 4वाँ नक्षत्र है। इसके देवता ब्रह्मा और स्वामी ग्रह चंद्र (Moon) हैं। यह पृथ्वी तत्व व रजस गुण से जुड़ा है।
रोहिणी नक्षत्र वाले लोग कैसे होते हैं?
रोहिणी नक्षत्र में जन्मे जातक रोहिणी नक्षत्र सौंदर्य, कला व समृद्धि का प्रतीक है। चंद्रमा की सबसे प्रिय पत्नी के रूप में रोहिणी का उल्लेख मिलता है। इस नक्षत्र के जातक आकर्षक व्यक्तित्व, मधुर वाणी और कलात्मक रुच...
Rohini nakshatra के लिए कौन सा करियर सही है?
रोहिणी नक्षत्र के जातकों के लिए उपयुक्त करियर: कृषि, पशुपालन, फैशन, संगीत, अभिनय, रियल एस्टेट, बैंकिंग, रेस्तराँ, सौंदर्य प्रसाधन।
रोहिणी नक्षत्र किस राशि में आता है?
रोहिणी नक्षत्र मुख्य रूप से वृषभ राशि में आता है। प्रत्येक नक्षत्र 4 पदों (चरण) में बँटा होता है — विस्तृत पद जानकारी ऊपर दी गई है।
रोहिणी नक्षत्र का मंत्र क्या है?
रोहिणी नक्षत्र के जातक "ॐ ब्रह्मणे नमः", "ॐ चंद्रमसे नमः" मंत्रों का जाप करें। अपने नक्षत्र के देवता (ब्रह्मा) व स्वामी ग्रह (चंद्र) की पूजा जीवन में शुभ परिणाम लाती है।
रोहिणी नक्षत्र के अनुकूल व प्रतिकूल नक्षत्र कौन से हैं?
रोहिणी नक्षत्र के अनुकूल: मृगशिरा, आर्द्रा, हस्त, चित्रा। चुनौतीपूर्ण: अनुराधा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा।
प्रेरणादायक विचार
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