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Nakshatra · 27 Lunar Mansions

अश्विनी नक्षत्र (Ashwini)

देवता अश्विनी कुमार · स्वामी ग्रह केतु · नक्षत्र क्रमांक 1

देवता

अश्विनी कुमार

स्वामी ग्रह

केतु / Ketu

तत्व

अग्नि

गुण

तमस

नाड़ी

आदि

शरीर का अंग

घुटना व पैर के ऊपरी भाग

प्रतीक

अश्व का सिर (घोड़े का मस्तक)

तारा संख्या

3

अश्विनी नक्षत्र — स्वभाव व व्यक्तित्व

अश्विनी नक्षत्र के जातक स्वभाव से तीव्र, साहसी और आरंभकर्ता होते हैं। इन्हें नए कार्यों को प्रारंभ करने में अत्यंत रुचि होती है — 'शुरू करने वाले' इसी नक्षत्र से आते हैं। अश्विनी कुमार देव-वैद्य हैं, इसलिए इस नक्षत्र के लोगों में उपचार की स्वाभाविक क्षमता होती है। ये ऊर्जावान, गतिशील, और निर्णय लेने में तेज होते हैं। कभी-कभी जल्दबाजी व अधीरता भी इनका कमजोर पक्ष बन जाती है। शारीरिक रूप से सुदृढ़, स्वतंत्रता प्रिय और साहसिक कार्यों में रुचि रखते हैं। सहायता करने की प्रवृत्ति बहुत प्रबल होती है। आत्मनिर्भरता और उद्यमशीलता इनका मूल गुण है।

करियर व उपयुक्त क्षेत्र

चिकित्सा, सर्जरी, आयुर्वेद, खेल, सैन्य सेवा, पुलिस, उद्यमिता, स्टार्टअप, मोटर वाहन।

4 पद (चरण)

पद 1
मेष 0°-3°20'
पद 2
मेष 3°20'-6°40'
पद 3
मेष 6°40'-10°
पद 4
मेष 10°-13°20'

चुनौतीपूर्ण नक्षत्र

मंत्र

ॐ अश्विनीकुमाराभ्यां नमः

ॐ केतवे नमः

अनुकूल राशि — मेष

अश्विनी नक्षत्र मुख्यतः मेष राशि में पड़ता है

मेष राशिफल →

अश्विनी नक्षत्र — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (People also ask)

अश्विनी नक्षत्र क्या है?

अश्विनी (Ashwini) 27 नक्षत्रों में 1वाँ नक्षत्र है। इसके देवता अश्विनी कुमार और स्वामी ग्रह केतु (Ketu) हैं। यह अग्नि तत्व व तमस गुण से जुड़ा है।

अश्विनी नक्षत्र वाले लोग कैसे होते हैं?

अश्विनी नक्षत्र में जन्मे जातक अश्विनी नक्षत्र के जातक स्वभाव से तीव्र, साहसी और आरंभकर्ता होते हैं। इन्हें नए कार्यों को प्रारंभ करने में अत्यंत रुचि होती है — 'शुरू करने वाले' इसी नक्षत्र से आते हैं। अश्विनी क...

Ashwini nakshatra के लिए कौन सा करियर सही है?

अश्विनी नक्षत्र के जातकों के लिए उपयुक्त करियर: चिकित्सा, सर्जरी, आयुर्वेद, खेल, सैन्य सेवा, पुलिस, उद्यमिता, स्टार्टअप, मोटर वाहन।

अश्विनी नक्षत्र किस राशि में आता है?

अश्विनी नक्षत्र मुख्य रूप से मेष राशि में आता है। प्रत्येक नक्षत्र 4 पदों (चरण) में बँटा होता है — विस्तृत पद जानकारी ऊपर दी गई है।

अश्विनी नक्षत्र का मंत्र क्या है?

अश्विनी नक्षत्र के जातक "ॐ अश्विनीकुमाराभ्यां नमः", "ॐ केतवे नमः" मंत्रों का जाप करें। अपने नक्षत्र के देवता (अश्विनी कुमार) व स्वामी ग्रह (केतु) की पूजा जीवन में शुभ परिणाम लाती है।

अश्विनी नक्षत्र के अनुकूल व प्रतिकूल नक्षत्र कौन से हैं?

अश्विनी नक्षत्र के अनुकूल: भरणी, कृत्तिका, पुष्य, हस्त। चुनौतीपूर्ण: ज्येष्ठा, आश्लेषा, मूल।

प्रेरणादायक विचार

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आज का पंचांग

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