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Nakshatra · 27 Lunar Mansions

विशाखा नक्षत्र (Vishakha)

देवता इंद्राग्नि · स्वामी ग्रह बृहस्पति · नक्षत्र क्रमांक 16

देवता

इंद्राग्नि

स्वामी ग्रह

बृहस्पति / Jupiter

तत्व

अग्नि

गुण

सत्व

नाड़ी

अंत्य

शरीर का अंग

भुजा

प्रतीक

विजय-द्वार / तोरण

तारा संख्या

4

विशाखा नक्षत्र — स्वभाव व व्यक्तित्व

विशाखा नक्षत्र 'उद्देश्य' और 'लक्ष्य-सिद्धि' का प्रतीक है। इंद्र व अग्नि — दोनों देवताओं का स्वामित्व इस नक्षत्र को विशेष शक्ति देता है। बृहस्पति का प्रभाव इन जातकों को विद्वान, धर्मपरायण व निर्णायक बनाता है। ये महत्वाकांक्षी, लक्ष्य-केंद्रित और दृढ़ निश्चयी होते हैं। एक बार लक्ष्य तय करने पर पीछे नहीं हटते। कभी-कभी लक्ष्य पाने की तीव्र इच्छा से तनाव व अधीरता आ जाती है। नेतृत्व, सार्वजनिक जीवन व शिक्षण में सफलता।

करियर व उपयुक्त क्षेत्र

राजनीति, सार्वजनिक सेवा, कानून, शिक्षण, बैंकिंग, पत्रकारिता, सैन्य, उद्यमिता।

4 पद (चरण)

पद 1
तुला 20°-23°20'
पद 2
तुला 23°20'-26°40'
पद 3
तुला 26°40'-30°
पद 4
वृश्चिक 0°-3°20'

चुनौतीपूर्ण नक्षत्र

मंत्र

ॐ इंद्राग्निभ्यां नमः

ॐ बृं बृहस्पतये नमः

अनुकूल राशि — तुला

विशाखा नक्षत्र मुख्यतः तुला राशि में पड़ता है

तुला राशिफल →

विशाखा नक्षत्र — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (People also ask)

विशाखा नक्षत्र क्या है?

विशाखा (Vishakha) 27 नक्षत्रों में 16वाँ नक्षत्र है। इसके देवता इंद्राग्नि और स्वामी ग्रह बृहस्पति (Jupiter) हैं। यह अग्नि तत्व व सत्व गुण से जुड़ा है।

विशाखा नक्षत्र वाले लोग कैसे होते हैं?

विशाखा नक्षत्र में जन्मे जातक विशाखा नक्षत्र 'उद्देश्य' और 'लक्ष्य-सिद्धि' का प्रतीक है। इंद्र व अग्नि — दोनों देवताओं का स्वामित्व इस नक्षत्र को विशेष शक्ति देता है। बृहस्पति का प्रभाव इन जातकों को विद्वान, धर...

Vishakha nakshatra के लिए कौन सा करियर सही है?

विशाखा नक्षत्र के जातकों के लिए उपयुक्त करियर: राजनीति, सार्वजनिक सेवा, कानून, शिक्षण, बैंकिंग, पत्रकारिता, सैन्य, उद्यमिता।

विशाखा नक्षत्र किस राशि में आता है?

विशाखा नक्षत्र मुख्य रूप से तुला राशि में आता है। प्रत्येक नक्षत्र 4 पदों (चरण) में बँटा होता है — विस्तृत पद जानकारी ऊपर दी गई है।

विशाखा नक्षत्र का मंत्र क्या है?

विशाखा नक्षत्र के जातक "ॐ इंद्राग्निभ्यां नमः", "ॐ बृं बृहस्पतये नमः" मंत्रों का जाप करें। अपने नक्षत्र के देवता (इंद्राग्नि) व स्वामी ग्रह (बृहस्पति) की पूजा जीवन में शुभ परिणाम लाती है।

विशाखा नक्षत्र के अनुकूल व प्रतिकूल नक्षत्र कौन से हैं?

विशाखा नक्षत्र के अनुकूल: अनुराधा, ज्येष्ठा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद। चुनौतीपूर्ण: कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा।

प्रेरणादायक विचार

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आज का पंचांग

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